बिहार में वोटर लिस्ट में नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों के नाम पाए गए: चुनाव आयोग

बिहार में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के दौरान एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। चुनाव आयोग (ECI) के मुताबिक, मतदाता सूची में कई ऐसे लोगों के नाम पाए गए हैं जो नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार जैसे देशों से हैं। यह जांच चुनाव आयोग की उस प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत 30 सितंबर से पहले वोटर लिस्ट को अपडेट किया जा रहा है। आयोग ने साफ कर दिया है कि भारत में अवैध रूप से रह रहे लोगों को मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।
During house-to-house visits during SIR (Special Intensive Revision) in Bihar, a large number of people from Nepal, Bangladesh and Myanmar have been found by Booth Level Officers. Their names shall not be included in the final list to be published on 30 Sep 2025 after proper…
— ANI (@ANI) July 13, 2025
1 अगस्त से इन संदिग्ध नामों की पूरी तरह से जांच की जाएगी, ताकि यह तय किया जा सके कि वे वास्तव में भारतीय नागरिक हैं या नहीं। इस समय स्थानीय अधिकारी घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं और इसी दौरान कई ऐसे लोग मिले हैं, जो भारत के नागरिक नहीं लगते। इस स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग अन्य राज्यों में भी इसी तरह की जांच शुरू कर सकता है। अधिकारियों का कहना है कि हर व्यक्ति की जन्मस्थली की पुष्टि की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सिर्फ भारतीय नागरिक ही वोट डाल सकें।
यह पूरी प्रक्रिया इसलिए भी अहम है क्योंकि बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके अलावा, असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में साल 2026 में चुनाव होने हैं, ऐसे में मतदाता सूची की शुद्धता और भी जरूरी हो गई है। हालांकि, कुछ राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इससे असली भारतीय नागरिकों के नाम भी गलती से हटाए जा सकते हैं। कुछ नेताओं ने इसे “एनआरसी” (National Register of Citizens) की तरह एक गुप्त अभ्यास बताया है।
पिछले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को यह प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दे दी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि पहचान के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों को भी मान्य माना जाए। मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी माना जा रहा है, लेकिन इसमें पारदर्शिता और सावधानी बेहद जरूरी है ताकि किसी भी भारतीय नागरिक का नाम गलत तरीके से न हटाया जाए।





