उत्तर भारत में मानसून का कहर: पहाड़ों में तबाही, मैदानी इलाकों में इंतजार

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में जमकर कहर बरपाया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दूसरी ओर दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत मैदानी इलाकों में लोग अब भी मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि आज यानी गुरुवार को दिल्ली और पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून दस्तक दे सकता है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और धर्मशाला जिलों में बादल फटने की पांच घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने, पुल बहने और बाढ़ के कारण दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग लापता हैं। कुल्लू जिले की सैंज घाटी में 2,000 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं और राहत व बचाव कार्य जारी है। धर्मशाला के खनियारा इलाके में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के निर्माणाधीन स्थल पर मलबा गिरने से कई मजदूर बह गए। अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं।
उत्तराखंड में केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हुआ है, जिससे चीन सीमा से जोड़ने वाली सड़क ठप हो गई है। वहीं राज्य के कई जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। टिहरी, पौड़ी, चंपावत, चमोली और पिथौरागढ़ समेत आठ जिलों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जम्मू संभाग में भी मौसम का मिजाज बेहद खराब है। आगामी 48 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मैदानी इलाकों में बाढ़ और बादल फटने की संभावना जताई गई है। बीते 24 घंटे में कटड़ा में 109 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में लोग अब भी मानसूनी बारिश की बाट जोह रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से आसमान में घने बादल छा रहे हैं लेकिन बारिश नहीं हो रही, जिससे उमस और गर्मी ने परेशान कर रखा है। मौसम विभाग के मुताबिक आज मानसून इन इलाकों में दस्तक दे सकता है और इसके प्रभाव से अगले तीन दिन तक अच्छी बारिश होने की संभावना है।
राजस्थान में मानसून सक्रिय हो चुका है। बीते 24 घंटे में बारां जिले के मांगरोल में सबसे ज्यादा 180 मिमी बारिश दर्ज की गई है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर और उदयपुर में 27 जून तक भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मध्यप्रदेश में भी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। दो ट्रफ लाइनों और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण राज्य के कई हिस्सों में अगले तीन दिन तक भारी बारिश का अनुमान है। 26 से 28 जून के बीच भोपाल, सागर, विदिशा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सीहोर, रीवा, सीधी और अन्य जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मानसून ने जहां तबाही मचाई है, वहीं मैदानी इलाकों में अब भी राहत की बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग की चेतावनी और पूर्वानुमानों को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। ऐसे में जरूरी है कि लोग भी सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।





