मानसून की मार: देश के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन, अमरनाथ यात्रा स्थगित

देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की तेज बारिश ने भारी तबाही मचाई है। खासकर हिमालयी राज्यों में हालात गंभीर बने हुए हैं। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण कई जगहों पर सड़कें टूट गई हैं और अमरनाथ यात्रा को 3 सितंबर तक के लिए रोक दिया गया है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कई सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं उत्तर और पूर्व भारत के कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। राहत की उम्मीद अभी नहीं दिख रही है क्योंकि मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
श्रीनगर में प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए अमरनाथ यात्रा को पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से दो दिन और स्थगित कर दिया है। इन रास्तों पर मरम्मत का काम जारी है। जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से तीर्थयात्रियों की आवाजाही लगातार दूसरे दिन भी रोकी गई। अब तक 4.05 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। जम्मू संभाग में भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और कटड़ा-सांझीछत हेलिकॉप्टर सेवा भी धुंध के कारण प्रभावित रही। बुधवार रात उधमपुर में हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया, जबकि बसंतगढ़-रामनगर मार्ग तीसरे दिन भी बंद रहा। शनिवार को भी जम्मू-कश्मीर में बारिश की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने 6 अगस्त तक के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य में 283 सड़कें अब भी बंद हैं, जिनमें चंडीगढ़-मनाली और मनाली-लेह हाईवे शामिल हैं। लाहौल-स्पीति में मशेरन नाला में बाढ़ के कारण मनाली-लेह मार्ग को बंद करना पड़ा। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के मुताबिक, 314 बिजली ट्रांसफार्मर और 221 जलापूर्ति योजनाएं भी ठप पड़ी हैं। आईएमडी के अनुसार, 2 और 3 अगस्त को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 3 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश और बिहार में भी मूसलाधार बारिश की आशंका है। इन क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।
झारखंड के दुमका जिले में शुक्रवार सुबह भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान गिर गया, जिसमें 10 साल के बच्चे की मौत हो गई और उसकी 14 वर्षीय बहन घायल हो गई। यह हादसा बामनखेटा गांव में हुआ। ग्रामीणों ने बच्चों को मलबे से बाहर निकाला। घायल लड़की का इलाज देवघर अस्पताल में चल रहा है। राजस्थान के कई जिलों में तेज बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। धौलपुर जिले में पार्वती नदी में एक मिनी ट्रक बह गया, जिसमें ड्राइवर और खलासी लापता हो गए हैं। तलाश जारी है। अलवर जिले के भिवाड़ी क्षेत्र में एक युवक की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। नागौर में लूनी नदी में पानी भरने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-458 को बंद कर दिया गया। बारिश के कारण 16 जिलों में स्कूल भी बंद कर दिए गए।
भारतीय मौसम विभाग ने अगस्त और सितंबर में देशभर में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान जताया है। हालांकि पूर्वोत्तर और कुछ अन्य क्षेत्रों में कम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रशांत और हिंद महासागर की समुद्री स्थितियों का विश्लेषण इस अनुमान का आधार है। आईएमडी के मासिक पूर्वानुमान के अनुसार, अगस्त-सितंबर 2025 के दौरान देश में औसत से अधिक बारिश हो सकती है। बारिश का स्तर लंबी अवधि के औसत (एलपीए) के 106% तक पहुंच सकता है। हालांकि पूर्वोत्तर, मध्य भारत और दक्षिण-पश्चिम प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि पूर्वोत्तर भारत में पिछले कुछ वर्षों से बारिश में कमी का रुझान देखा जा रहा है।
1971 से 2020 के बीच अगस्त-सितंबर की औसत वर्षा 422.8 मिमी रही है। इस साल अगस्त में वर्षा एलपीए के 94% से 106% के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में कम बारिश के चलते स्थानीय समस्याएं बनी रह सकती हैं। देश इस समय मानसून की दूसरी लहर से जूझ रहा है। जहां कुछ राज्यों में अत्यधिक बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं मौसम विभाग की भविष्यवाणी आगे के महीनों में राहत की उम्मीद भी जता रही है। लेकिन अगले कुछ दिनों तक सतर्कता और सावधानी ही सबसे जरूरी कदम है।





