समय से पहले आया मानसून, देशभर में तेज़ बारिश और तूफानी हवाओं से बदला मौसम का मिज़ाज

इस साल मानसून समय से पहले दस्तक दे चुका है और तेज़ी से मध्य भारत समेत देश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ रहा है। देश के कई राज्यों में जोरदार बारिश हो रही है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ी इलाकों में भी मौसम पूरी तरह बदल चुका है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में तेज हवाओं और हल्की बारिश ने लोगों को हीटवेव से राहत दी है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया और बताया कि आज बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ बारिश की संभावना है।
उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का असर साफ देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के करीब 50 जिलों में आज और कल बारिश की संभावना जताई गई है। 1 जून तक राज्य में मौसम ऐसा ही बने रहने की उम्मीद है। नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद जैसे इलाकों में भी तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी दी गई है। कई स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली और आसपास के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी मौसम का मिजाज बदल रहा है। इन राज्यों के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। गुजरात, मराठवाड़ा और गोवा में भी मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि केरल में लगातार भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया कि बांग्लादेश के ऊपर बने दबाव के क्षेत्र के कारण उत्तर-उत्तरपूर्व दिशा में हवाओं की गति तेज हो रही है और अगले 12 घंटों में यह दबाव का क्षेत्र और कमजोर हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 4-5 दिनों तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होती रहेगी। केरल, तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु के घाटी इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि 31 मई के बाद वर्षा की तीव्रता में कुछ कमी आने की उम्मीद है।
पूर्वोत्तर भारत में आने वाले एक सप्ताह तक व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 1 जून तक भारी बारिश का अनुमान है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। खासकर मेघालय में 30 मई को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के राज्यों में भी 30 मई से 1 जून तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी।
त्रिपुरा में लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को राज्य के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई, जिससे स्कूल-कॉलेज बंद रहे। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बृहस्पतिवार को राज्य के तीन जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया था और खराब मौसम के चलते दो उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। हालांकि शुक्रवार को उड़ानों की स्थिति सामान्य रही।
मिजोरम के आईजोल में बुधवार से हो रही लगातार बारिश के चलते शुक्रवार को भी सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने भारी बारिश को देखते हुए सुरक्षा कारणों से स्कूलों को बंद करने का निर्देश जारी किया।
दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिसमें दो बच्चों समेत पांच लोगों की जान चली गई। यह हादसा मोंटेपडावू कोडि इलाके में हुआ, जहां तेज बारिश के बाद एक घर मलबे में दब गया। राहत टीम ने एक महिला और उसके बच्चे को बचा लिया, लेकिन बाकी लोगों की मौत हो गई। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बताया कि इस साल मई महीने में राज्य में बीते 125 वर्षों की सबसे अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। राज्य के 28 जिलों में सामान्य से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
केरल में भारी बारिश के चलते कई जिलों में स्कूल-कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद करना पड़ा है। इडुक्की, कन्नूर और कासरगौड में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू है। जलभराव के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। शुक्रवार को कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई। चंबा, मंडी और कांगड़ा जिलों में तेज आंधी के कारण कई घरों की छतें उड़ गईं और बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए। शनिवार और रविवार को शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, सोलन और सिरमौर जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। शिमला में शुक्रवार सुबह सात बजे से दस बजे तक लगातार तेज बारिश हुई, जिससे शहर की सड़कों पर जलभराव हो गया और नाले उफान पर आ गए। धर्मशाला में भी भारी बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई, हालांकि दोपहर बाद मौसम साफ हुआ और धूप निकली।
देशभर में मानसून की समय से पहले दस्तक ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। तेज़ बारिश, आंधी-तूफान और भूस्खलन जैसी घटनाओं ने जहां एक तरफ गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। मौसम विभाग की नजर लगातार हालात पर बनी हुई है और समय-समय पर अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।





