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MEA ने किया इनकार: अमेरिका के टैक्स फैसले के बाद भारत की व्यापार नीति बदलने की अफवाहें झूठी

विदेश मंत्रालय (MEA) ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर नया टैक्स लगाने के बाद भारत अपने व्यापार नियमों में बदलाव करने जा रहा है। सोशल मीडिया पर चल रही इन अफवाहों में दावा किया जा रहा था कि भारत अमेरिका से आने वाले उत्पादों पर मिलने वाली रियायतें खत्म कर सकता है या व्यापार समझौतों को रद्द कर सकता है। लेकिन MEA की फैक्ट‑चेक यूनिट ने इन खबरों को “फर्जी और भ्रामक” बताया है।

ये अफवाहें तब फैलीं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते भारतीय सामानों पर 25% नया टैक्स लगाने का ऐलान किया। यह टैक्स 1 अगस्त से लागू हो गया है। इसके अलावा भारत द्वारा रूस से तेल और हथियार खरीदने पर भी अमेरिका ने अतिरिक्त जुर्माना लगाने की बात कही है, खासकर यूक्रेन युद्ध के बीच।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि भारत एक मित्र देश है, लेकिन वह आयात पर बहुत ऊंचे टैक्स लगाता है और उसके व्यापार नियम अमेरिकी कंपनियों के लिए मुश्किल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन कारणों से अमेरिका ने वर्षों से भारत के साथ कम व्यापार किया है। अगले दिन उन्होंने भारत और रूस पर फिर निशाना साधा और कहा कि “ये दोनों देश अपनी मरी हुई अर्थव्यवस्थाओं के साथ डूब सकते हैं।”

हालांकि इन तीखे बयानों के बावजूद, दोनों देशों के अधिकारी आपसी बातचीत जारी रखे हुए हैं। बातचीत ऑनलाइन माध्यम से हो रही है और 24 अगस्त को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली आ सकता है, जहां दोनों देशों के बीच छठे दौर की व्यापार वार्ता होगी। सूत्रों के मुताबिक, इन वार्ताओं का मकसद बचे हुए मुद्दों को सुलझाना और दोनों देशों के लिए फायदेमंद व्यापार समझौता करना है।

MEA ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ मौजूदा व्यापार लाभ या नियमों में किसी तरह का बदलाव फिलहाल नहीं किया जा रहा है। भारत और अमेरिका दोनों ने दोहराया है कि वे एक निष्पक्ष और संतुलित व्यापार संबंध बनाए रखने के लिए काम करते रहेंगे, चाहे इस समय हालात थोड़े तनावपूर्ण क्यों न हों।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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