SIR रैली में गरजीं ममता: “बीजेपी मेरे साथ खेल नहीं सकती, पूरे भारत में उसकी जड़ें हिला दूंगी”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार को नॉर्थ 24 परगना ज़िले के बनगांव पहुंचीं, जहां उन्होंने SIR और CAA जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार और बीजेपी को कड़ी चुनौती दी। मतुआ समुदाय के गढ़ माने जाने वाले इलाके में मुख्यमंत्री ने कहा कि SIR की प्रक्रिया पूरी होने में तीन साल लगते हैं और इस दौरान किसी भी वास्तविक वोटर का नाम कटना स्वीकार्य नहीं है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी अपने दफ्तरों में बैठकर वोटर लिस्ट में हेरफेर कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग को निष्पक्ष रहना चाहिए, “बीजेपी कमीशन बनना नहीं।” उन्होंने कहा कि यदि मतुआ समुदाय को अवैध बताया जा रहा है, तो वही मतदाता 2014 और 2024 में केंद्र सरकार बनाने में अहम रहे हैं—फिर सरकार वैध कैसे हो सकती है?
उन्होंने SIR विरोधी रैली में कहा कि बंगाल के लोगों को डराया जा रहा है और यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक मकसद से की जा रही है। सीएम ममता ने चुनौती देते हुए कहा, “बीजेपी मेरे खेल में मुझसे लड़ नहीं सकती। अगर उसने बंगाल में मुझ पर हमला करने की कोशिश की, तो मैं पूरे भारत में उसकी नींव हिला दूंगी।”
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी ने साजिश कर उनका हेलीकॉप्टर उड़ान से रोकने की कोशिश की, ताकि वे बनगांव न पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि चाहे केंद्र सरकार की जितनी ताकत लगा दी जाए, “मेरे साथ खेल नहीं पाओगे।” उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले खरीद-फरोख्त की कोशिशें होंगी, लेकिन लोग पैसे लेकर भी बीजेपी को वोट नहीं देंगे।
CAA पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी चुनाव आते ही इसे मुद्दा बनाती है और धर्म के आधार पर फॉर्म बांटती है। उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि CAA के फॉर्म में खुद को बांग्लादेशी लिखकर आवेदन करना, खुद को विदेशी साबित करने जैसा है। उन्होंने अपील की कि लोग अफवाहों या सोशल मीडिया के आधार पर निर्णय न लें।
भाषा के मुद्दे पर ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में कई बोलियां हैं, लेकिन भाषा एक ही है—बांग्ला। उन्होंने कहा कि वे बीरभूम में पैदा हुई हैं और उनकी मातृभाषा बांग्ला है, “बीजेपी चाहे तो मुझे भी बांग्लादेशी कह दे।”
उन्होंने संविधान का हवाला देकर कहा कि डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने सभी धर्मों में सद्भाव का संदेश देने वाला संविधान बनाया था, लेकिन बीजेपी धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है। ममता ने लोगों से कहा कि वे डरें नहीं, “जब तक मैं हूं, किसी को भी बंगाल से निकाले जाने नहीं दूंगी।”





