Fraud and Scam

‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी का बड़ा मामला: 77 वर्षीय डॉक्टर से 13 करोड़ रुपये की ठगी

एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें 77 साल की रिटायर्ड महिला डॉक्टर से ठगों ने करीब 13 करोड़ रुपये ठग लिए। यह ठगी व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए की गई, जहां ठग खुद को पुलिस और अदालत से जुड़ा अधिकारी बताकर बात कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ठगी की शुरुआत एक वीडियो कॉल से हुई, जिसमें कुछ लोग पुलिस की वर्दी में नजर आए। उन्होंने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और महिला को कहा कि उसका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में जुड़ा हुआ है और उसे गिरफ्तार किया जा सकता है।

इसके बाद मामला और गंभीर हो गया, जब महिला को एक वर्चुअल कोर्ट जैसी मीटिंग में शामिल कराया गया। यहां एक ठग ने खुद को जज बताकर उसे डराया और कहा कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। करीब दो हफ्तों तक ठग महिला को लगातार वीडियो कॉल पर व्यस्त रखते रहे। इस दौरान उन्होंने उसे किसी से बात करने से भी रोका और डर का माहौल बनाए रखा। इस तरीके को “डिजिटल अरेस्ट” कहा जा रहा है।

ठगों ने महिला को यह कहकर बहलाया कि उसके बैंक खाते और संपत्ति की जांच करनी है। डर के कारण महिला ने करीब 16 दिनों में अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए, जिससे उसे लगभग 13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

जब अचानक कॉल आना बंद हो गई, तब महिला को शक हुआ और उसने पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान पुलिस केवल कुछ ही पैसे वापस ला पाई, बाकी रकम अभी तक नहीं मिल सकी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग नकली सेटअप, वर्दी और मनोवैज्ञानिक दबाव का इस्तेमाल कर लोगों को फंसा रहे हैं। ऐसे गिरोह अक्सर कंबोडिया और म्यांमार जैसे देशों से ऑपरेट करते हैं।

पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि कोई भी असली पुलिस या कोर्ट की प्रक्रिया व्हाट्सऐप या वीडियो कॉल पर नहीं होती। ऐसे मामलों में तुरंत जानकारी की पुष्टि करें और दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।

Show More
Back to top button