LPG गैस सिलेंडर KYC अनिवार्य: घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जरूरी, जानें पूरी प्रक्रिया
केंद्र सरकार ने घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (e-KYC) को अनिवार्य कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के इस फैसले का उद्देश्य सब्सिडी वितरण को पारदर्शी बनाना और दुरुपयोग को रोकना है।
क्या है नया नियम
मंत्रालय के अनुसार, सभी घरेलू उपभोक्ताओं को अब e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह नियम इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के ग्राहकों पर लागू होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है और देश में LPG की सप्लाई सामान्य बनी हुई है।
All domestic #LPG consumers are required to complete Biometric Aadhaar Authentication (e-KYC).
Now verify from the comfort of your home using your Oil Marketing Company’s mobile app and Aadhaar FaceRD app. For more information,
Visit: https://t.co/OOj0dPcuiE
Contact your LPG… pic.twitter.com/GWvIhsjD0m— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) March 15, 2026
घर बैठे ऐसे करें e-KYC
सरकार ने प्रक्रिया को आसान बनाया है, जिसे आप घर बैठे मोबाइल से पूरा कर सकते हैं:
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अपनी LPG कंपनी का मोबाइल ऐप डाउनलोड करें
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Aadhaar FaceRD ऐप इंस्टॉल करें
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अपने मोबाइल नंबर या LPG आईडी से लॉगिन करें
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e-KYC या आधार ऑथेंटिकेशन विकल्प चुनें
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आधार विवरण दर्ज करें (मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी)
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फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें
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प्रक्रिया पूरी होने पर कन्फर्मेशन मिल जाएगा
e-KYC नहीं कराने पर क्या होगा असर
यदि उपभोक्ता e-KYC पूरा नहीं करते हैं, तो उनके LPG रिफिल में दिक्कत आ सकती है और सब्सिडी भी अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए अलग नियम
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले उपभोक्ताओं के लिए नियम और सख्त हैं। उन्हें हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में पहले रिफिल से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा, तभी उन्हें योजना का लाभ मिलेगा।
निष्क्रिय कनेक्शन पर सख्ती
तेल कंपनियों ने लंबे समय से उपयोग में नहीं आने वाले कनेक्शनों पर भी सख्ती बढ़ा दी है। जिन उपभोक्ताओं ने 9 महीने से ज्यादा समय तक सिलेंडर बुक नहीं किया है, उन्हें नया रिफिल लेने से पहले डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर KYC पूरा करना पड़ सकता है।
सरकार का कहना है कि इन उपायों से वितरण प्रणाली बेहतर होगी और सब्सिडी सही लाभार्थियों तक पहुंचेगी।





