ताज़ा खबरें

Kota Factory 3 ट्रेलर: बच्चों को नया पाठ पढ़ाने आए जीतू भैया, इस बार ऐसे बनाएगे स्टूडेंट्स का करियर

Kota Factory 3 ट्रेलर: बच्चों को नया पाठ पढ़ाने आए जीतू भैया, इस बार ऐसे बनाएगे स्टूडेंट्स का करियर

 

अमेजन प्राइम वीडियो की वेब सीरीज ‘पंचायत 3’ में धूम मचाने के बाद अब जितेंद्र कुमार (सचिव जी) नेटफ्लिक्स की ‘कोटा फैक्ट्री’ के तीसरे सीजन में बच्चों का करियर सवारने को तैयार हैं। नेटफ्लिक्स ने 20 जून को रिलीज होने वाली मोस्ट अवेटेड सीरीज ‘कोटा फैक्ट्री 3’ का ट्रेलर जारी कर दिया है। निर्माताओं ने प्रशंसकों का उत्साह बढ़ाने के लिए सीरीज का ट्रेलर जारी कर दिया है।

 

ट्रेलर में जीतू भैया अपनी थ्योरी समझाते हुए नजर आ रहे हैं, ‘जीत की तैयारी नहीं, तैयारी ही जीत है।’ जितेंद्र कुमार ‘कोटा फैक्ट्री 3’ में एक बार फिर ‘जीतू सर’ नहीं ‘जीतू भैया’ बन कर सामने आए हैं। ट्रेलर की शुरुआत होती है, जितेंद्र कुमार के किरदार जीतू भैया से, जो पॉडकास्ट में बात कर रहे हैं कि हमें रिजल्ट के साथ-साथ आईआईटी उम्मीदवारों की तैयारी को भी सेलिब्रेट करना चाहिए। जबकि एक्ट्रेस तिलोत्तमा शोम टीचर के रोल में है, जो छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बताती हैं।

कोटा फैक्ट्री सीजन 3 का ट्रेलर छात्रों की चुनौतियों और आकांक्षाओं को दर्शाता है, क्योंकि वे भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक की तैयारी कर रहे हैं। 20 जून को प्रीमियर होने वाले नए सीजन में प्रशंसकों के पसंदीदा किरदार शामिल हैं, जिनमें वैभव (मयूर मोरे), मीना (रंजन राज), उदय (आलम खान), वर्तिका (रेवती पिल्लई), शिवांगी (अहसास चन्ना), और पसंदीदा जीतू भैया (जितेंद्र कुमार) शामिल हैं। टीवीएफ प्रोडक्शंस द्वारा प्रस्तुत सीरीज प्रतीश मेहता द्वारा निर्देशित और शोरनर राघव सुब्बू द्वारा निर्देशित है।

यह वेब सीरीज राजस्थान के कोटा में , NEET – JEE की तैयारी कर रहे छात्रों के संघर्ष और मेहनत को दिखाती है, जिसमें ‘जीतू भैया’ का भी हाथ है। ट्रेलर में स्टूडेंट्स की परेशानी, उनकी कन्फ्यूजन और भविष्य को लेकर टेंशन देखने को मिली है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button