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कोलकाता रेप-मर्डर मामला: ‘नबन्ना मार्च’ के बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर किया लाठीचार्ज

City Of Joy कहे जाने वाले कोलकाता की हवाएं इन दिनों काफी हिंसक हो गई है. इस वक्त कोलकाता एक किले में तब्दील हो गया है क्योंकि पुलिस ने आज शहर में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा की आशंका को देखते हुए विरोध मार्च ‘नबन्ना मार्च’ के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था की है.
दरअसल पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में रेप-मर्डर मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सैकड़ों छात्रों ने ‘नबन्ना मार्च’ के तहत सचिवालय भवन का घेराव किया. जिसके बाद पुलिस ने उनका रास्ता रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, लाठी चार्ज किया और पानी की बौछार की.
प्रदर्शन में अबतक क्या हुआ:
- प्रशिक्षु डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के खिलाफ प्रदर्शन करते समय प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स को हटा दिया. जवाब में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया.
- 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 31 वर्षीय डॉक्टर के साथ कथित बलात्कार और हत्या के विरोध में खुद को एक छात्र संगठन के रूप में पेश करने वाले एक अपंजीकृत समूह द्वारा नबानो तक यह मार्च आयोजित किया गया है.
- छात्र आरजी कर घटना से संबंधित मामले की गलत हैंडलिंग के कारण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जहां ड्यूटी के दौरान एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ क्रूरतापूर्वक बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई.
- कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और बैरिकेडिंग के लिए 19 बिंदुओं की पहचान की गई है. लगभग 26 पुलिस उपायुक्त विभिन्न जांच बिंदुओं पर तैनात किए जाएंगे.
- आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बलात्कार-हत्या मामले को लेकर आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हावड़ा ब्रिज के पास वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया.
- आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बलात्कार-हत्या मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ दिए, उन पर पैर रखा, नारे लगाए और प्रदर्शन किया.





