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कोलकाता रेप केस: RG मेडिकल कॉलेज में अचानक घुसी भीड़ मचाई तोड़फोड़, पुलिस ने जारी की दंगाइयों की तस्वीर

कोलकाता रेप केस: RG मेडिकल कॉलेज में अचानक घुसी भीड़ मचाई तोड़फोड़, पुलिस ने जारी की दंगाइयों की तस्वीर

 

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। यहाँ देर रात करीब 1 बजे करीब 1000 लोगों की भीड़ इमरजेंसी वार्ड में घुस गई और मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में खूब तोड़फोड़ मचाई। भीड़ ने वहां रखी मशीनें उठाकर फेंकी। फर्नीचर में तोड़फोड़ की। CCTV कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया।

पुलिस द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक भीड़ ने पुलिस के वाहनों में तोड़-फोड़ की, पुलिस पर पत्थर फेंके। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस छाेड़ी। इस दौरान 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले में 9 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने जानकारी दी कि,  सेमीनार रूम में क्राइम सीन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

गुरुवार रात को पश्चिम बंगाल समेत देश के कई अन्य शहरों की महिलाएं डॉक्टर की हत्या पर अपना विरोध जता रही थीं. उसी दौरान भीड़ ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की और अस्पताल की बिल्डिंग पर भी धावा बोल दिया. दंगाइयों के अस्पताल के अंदर की चीजों को नुकसान पहुंचाने की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं. हालात इतने खराब हो गए कि पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. इस झड़प में कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए.

इसके बाद कोलकाता पुलिस ने सोशल मीडिया पर दंगाइयों के चेहरों के साथ तस्वीरें शेयर (Rioters’ Pics) करते हुए लोगों से उनके बारे में जानकारी मांगी है, ताकि उनकी पहचान की जा सके। बता दें कि दंगाइयों न सिर्फ अस्पताल में जमकर उत्पात मचाया बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को तहस-नहस कर दिया।

इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आपातकालीन विभाग का दौरा किया और  प्रदर्शनकारी डॉक्टरों और छात्रों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि, ” तुम्हें न्याय मिलेगा। मैं यहां आपको व्यक्तिगत रूप से सुनने आया हूं। हम इससे लड़ेंगे और जीतेंगे। हम लोग आपके साथ हैं। मैं स्वयं को आपकी सेवा में समर्पित कर दूंगा।”

 

 

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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