जापान का नया कदम: यात्रियों से शुल्क बढ़ाकर एयरपोर्ट सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना

जापान सरकार विदेशी यात्रियों से जुड़े शुल्क में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद सिस्टम को आधुनिक बनाना और नए राजस्व स्रोत जुटाना है। सरकार “डिपार्चर टैक्स” बढ़ाने पर विचार कर रही है, जो फिलहाल 1,000 येन है। इसकी तुलना करें तो अमेरिका में इसी तरह का शुल्क 3,000 येन से अधिक है।
इस बढ़ोतरी का असर 2026 वित्तीय वर्ष से लागू होगा और यह जापानी व विदेशी दोनों यात्रियों पर लागू होगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे मिलने वाले अतिरिक्त पैसे का इस्तेमाल एयरपोर्ट सुविधाओं को बेहतर बनाने, भीड़ कम करने और प्री-डिपार्चर स्क्रीनिंग सिस्टम मजबूत करने में होगा। अतिरिक्त राजस्व का कुछ हिस्सा जापान की नई योजना, जैसे कि मुफ्त हाई स्कूल शिक्षा, को सपोर्ट करने में भी उपयोग किया जा सकता है।
नागरिकों पर अधिक बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार जापानी पासपोर्ट रिन्यूअल फीस को घटाने पर भी विचार कर रही है। इसके साथ ही वीज़ा और रेजिडेंसी फीस, जो कई दशकों से नहीं बढ़ी हैं, में भी बढ़ोतरी की संभावना है। फिलहाल, एक सिंगल-एंट्री वीज़ा की कीमत करीब 3,000 येन है, जो अमेरिका या यूरोप के देशों की तुलना में बहुत कम है।





