जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भारत दौरे पर, जयशंकर से रणनीतिक संवाद

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी गुरुवार को भारत पहुंच रहे हैं। इस दौरान वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अहम रणनीतिक संवाद करेंगे। बातचीत में सुरक्षा, व्यापार, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर खास तौर पर चर्चा होने की उम्मीद है।
अपने मौजूदा कार्यकाल में मोतेगी का यह पहला भारत दौरा होगा। यह यात्रा उनके नौ दिनों के पश्चिम एशिया और एशिया दौरे का हिस्सा है, जिसमें वे इज़राइल, फिलिस्तीन, कतर और फिलीपींस भी जाएंगे। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच रणनीतिक संवाद शुक्रवार को होने की संभावना है।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक स्तर पर कई बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं, खासकर अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की नीतियों के चलते। भारत और जापान क्वाड समूह के भी अहम साझेदार हैं। हालांकि, नई दिल्ली में प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन को लेकर अमेरिका-भारत संबंधों में मौजूदा तनाव के कारण स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।
मोतेगी, जापान की नई प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के नेतृत्व वाली सरकार के पहले वरिष्ठ नेता होंगे जो भारत दौरे पर आ रहे हैं। ताकाइची और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका में हुए G20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
प्रधानमंत्री मोदी की अगस्त में टोक्यो यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए थे। जापान ने अगले 10 वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन येन (करीब 68 अरब डॉलर) के निजी निवेश का लक्ष्य रखा था। साथ ही तकनीक, डिजिटल क्षेत्र और रेयर अर्थ मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग के लिए 10 साल का रोडमैप भी तैयार किया गया था।
प्रधानमंत्री ताकाइची ने सुरक्षा, रक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में ठोस नतीजे हासिल करने की बात कही है। उन्होंने सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई और अहम तकनीकों में भारत के साथ मिलकर काम करने और नवाचार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है।





