दिल्ली-NCR में पटाखों पर पूरा बैन लगाना संभव नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर बैन पर शीर्ष अदालत ने बड़ी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि पटाखों पर पूरा बैन लगाना संभव नहीं है. सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की बात कही है.
चीफ जस्टिस बीआर. गवई की अगुवाई वाली बेंच ने कहा, ‘हमें माफिया से भी सावधान रहने की जरूरत है, जो बैन के बाद सक्रिय हो जाते हैं.‘ कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पटाखा निर्माताओं को काम करने का अधिकार है, तो नागरिकों को साफ हवा में सांस लेने का भी बराबर का हक है. इस मामले में अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2025 को होगी, जिसमें जरूरत पड़ने पर उचित निर्देश जारी किए जाएंगे.
सुनवाई के दौरान CJI बी आर गवई ने कहा कि अगर कोई पटाखा निर्माता नियमों का पालन करता है तो उन्हें पटाखों के निर्माण की अनुमति देने में क्या समस्या है? कोर्ट ने कहा कि इसका समाधान तो होना ही चाहिए. शीर्ष अदालत ने कहा कि अतिवादी आदेश समस्याएं पैदा करेंगे. कोर्ट ने साथ ही कहा कि इसके अलावा सोशल मीडिया पर हमें अपनी बातों में सावधानी बरतने की भी जरूरत है. मामले की अगली सुनवाई 8 अक्तूबर को होगी. कोर्ट ने कहा कि देशभर के मजदूर श्रमदान करते हैं, अगर मुआवजा देने का आदेश भी दिया जाता है तो ऐसी दलीलें दी जाती हैं कि मुआवजा नहीं दिया जाएगा. इसलिए उन्हें पटाखा बनाने दें और अगले आदेश तक NCR में बिक्री न होने दें.





