NM Verified: PM मोदी के भाषण का इज़राइली विपक्ष ने नहीं किया बहिष्कार, जानिए पूरा सच

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय इज़राइल दौरे पर थे, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा और व्यापार संबंधों को मजबूत करना था। इस दौरान उन्होंने इज़राइल की संसद Knesset के विशेष सत्र को संबोधित किया और 1.4 अरब भारतीयों की ओर से शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने दोनों देशों के बीच मित्रता, सम्मान और साझेदारी पर जोर दिया।
इसी बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि इज़राइली विपक्ष ने पीएम मोदी के भाषण का बहिष्कार किया और संसद से वॉकआउट कर दिया। एक फेसबुक यूज़र ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि क्या मोदी को बोलने के लिए बुलाए जाने के ठीक समय विपक्षी दल संसद से बाहर चला गया?
NM Verified की जांच
NewsMobile की फैक्ट-चेक टीम ने वायरल पोस्ट की पड़ताल की और पाया कि यह दावा भ्रामक और गलत है।
25 फरवरी को पीएम मोदी के सम्मान में आयोजित विशेष सत्र का live-stream Knesset TV पर प्रसारित किया गया था। वीडियो में लगभग 24 मिनट के आसपास पीएम मोदी, इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और स्पीकर Amir Ohana के साथ संसद में प्रवेश करते दिखाई देते हैं। सांसदों ने उनका तालियों के साथ स्वागत किया।
हालांकि, स्पीकर ओहाना के स्वागत भाषण के दौरान लगभग 26 मिनट 12 सेकंड पर कुछ विपक्षी सांसद सदन से बाहर जाते दिखते हैं — यही हिस्सा वायरल वीडियो में क्लिप कर साझा किया गया है।
ओहाना ने अपने संबोधन में पीएम मोदी को एक निर्णायक वैश्विक नेता बताया और भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में उनकी भूमिका की सराहना की।
विपक्ष कब लौटा?
स्पीकर के बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने विपक्ष की अनुपस्थिति में संबोधन दिया। उन्होंने पीएम मोदी को “मित्र ही नहीं, बल्कि भाई” बताया और दोनों देशों के बीच 12 वर्षों में बढ़े रणनीतिक और आर्थिक सहयोग का जिक्र किया। लेकिन महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि नेतन्याहू के भाषण समाप्त होने के बाद, लगभग 1 घंटे 2 मिनट पर विपक्षी नेता Yair Lapid के नेतृत्व में विपक्ष सदन में वापस लौटा।
लापिड ने पीएम मोदी से हाथ मिलाया और स्पष्ट किया:
“आज जो भी हुआ, उसका आपसे कोई संबंध नहीं है… पूरा इज़राइल आपके नेतृत्व और मित्रता का सम्मान करता है… सभी दल आपके भाषण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।”

यह बयान साफ करता है कि विपक्ष ने पीएम मोदी के भाषण का बहिष्कार नहीं किया था, बल्कि वे पहले के एक मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने के बाद विशेष रूप से उनके संबोधन के लिए लौटे थे।
वॉकआउट की असली वजह क्या थी?
25 फरवरी को प्रकाशित The Times of Israel की एक रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने विशेष सत्र से हाई कोर्ट के अध्यक्ष Isaac Amit को आमंत्रित न किए जाने के विरोध में वॉकआउट किया था।
यायर लापिड ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि हाई कोर्ट प्रमुख को आमंत्रित नहीं किया गया तो वे सत्र का बहिष्कार करेंगे। उनका विरोध न्यायपालिका के प्रति सरकार के रवैये को लेकर था, न कि पीएम मोदी के संबोधन को लेकर। उसी दिन लापिड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पीएम मोदी के साथ एक तस्वीर भी साझा की और उनके नेतृत्व व मित्रता की सराहना की।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वायरल वीडियो में किया जा रहा दावा गलत है। इज़राइली विपक्ष ने पीएम मोदी के भाषण का बहिष्कार नहीं किया था। उन्होंने पहले के एक मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया, लेकिन बाद में सदन में लौटकर पीएम मोदी का संबोधन सुना। इसलिए, यह वायरल दावा पूरी तरह भ्रामक है।





