गाजा में इजरायली हमले तेज़, भुखमरी के कगार पर लाखों लोग – संयुक्त राष्ट्र ने जताई गहरी चिंता

गाजा पट्टी में इजरायली हवाई हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार रात को हुए हमलों में एक ही परिवार के 10 सदस्यों समेत 23 लोगों की मौत हो गई। वहीं, गाजा में पिछले छह सप्ताह से बंद पड़ी खाद्य आपूर्ति के चलते हालात और भी गंभीर हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने गाजा में गहराते मानवीय संकट को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है।
गाजा के दक्षिणी शहर खान यूनिस में नासेर अस्पताल ने बताया कि एक ही परिवार के पांच बच्चों, चार महिलाओं और एक पुरुष की मौत इजरायली हमलों में हुई। वहीं, उत्तरी गाजा में इंडोनेशियाई अस्पताल के अनुसार नौ बच्चों सहित 13 लोगों की जान गई। इन हमलों के चलते अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने बताया कि लगभग 20 लाख की गाजा आबादी में से केवल 10 लाख लोगों को ही चैरिटी रसोई से भोजन मिल पा रहा है। खाद्य वितरण कार्यक्रम ठप पड़ चुके हैं और बाजारों में महंगाई के चलते आम लोग खाने-पीने की चीजें नहीं खरीद पा रहे हैं।
नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल की प्रवक्ता शाइना लो के मुताबिक, गाजा के अधिकांश लोग अब दिन में सिर्फ एक बार भोजन कर पा रहे हैं। वहीं पानी की भारी कमी है – स्थानीय जल अधिकारी उमर शतत ने बताया कि हर व्यक्ति को मात्र 6-7 लीटर पानी ही मिल पा रहा है, जो जीवन की बुनियादी जरूरतों के लिए भी पर्याप्त नहीं है। लोग पानी के लिए जेरी कैन लेकर घंटों लाइन में खड़े हैं।
इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने साफ किया है कि हमास पर दबाव बनाए रखने के लिए हमले जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक हमास बाकी बचे 59 बंधकों को रिहा नहीं करता, इजरायल सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। हमास इनमें से केवल 24 बंधकों के जीवित होने की पुष्टि करता है और उनकी रिहाई के बदले में फलस्तीनी कैदियों की रिहाई, गाजा से इजरायल की वापसी और स्थायी युद्धविराम की मांग कर रहा है।
गाजा स्थित सूप किचन के सह-संस्थापक हानी अलमाधौन ने बताया कि उनके पास अब सिर्फ तीन हफ्तों का राशन बचा है। “हमारे पास सिर्फ पास्ता, चावल और डिब्बाबंद मांस है। ताजा सब्जियां, चिकन या बीफ कुछ नहीं बचा। हर दिन 15-20 प्रतिशत लोग हमारी रसोई से खाली हाथ लौट रहे हैं,” उन्होंने बताया।
गाजा में हालात हर दिन बद से बदतर होते जा रहे हैं, और दुनिया की नजर इस समय वहां पैदा हो रहे सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक पर है।





