ब्राज़ीलियन मॉडल का चेहरा बना फर्जी वोटिंग का सबूत? राहुल गांधी के बयान ने उठाए बड़े सवाल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को एक बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में एक ब्राज़ीलियन मॉडल की तस्वीर का इस्तेमाल करके कई बार वोट डाले गए। राहुल ने कहा कि एक ही तस्वीर अलग-अलग नामों से मतदाता सूची (voter list) में दर्ज थी, जिससे बड़े पैमाने पर फर्जी मतदान हुआ।
दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने एक तस्वीर दिखाई, जिसमें एक ही महिला की फोटो अलग-अलग नामों – सीमा, स्वीटी, सरस्वती, रश्मि और विल्मा – के साथ दिखाई दे रही थी। उन्होंने पत्रकारों से सवाल किया, “बताइए, ये महिला कौन है? कहां से आई है? ये 10 अलग-अलग बूथों पर 22 बार वोट डालती है।”
राहुल ने कहा कि यह तस्वीर किसी भारतीय महिला की नहीं, बल्कि एक ब्राज़ीलियन मॉडल की स्टॉक फोटो है। उन्होंने कहा, “यह तो सिर्फ एक उदाहरण है। हमारे पास ऐसे करीब 25 लाख फर्जी मतदाताओं के सबूत हैं, जिनमें कई नाम डुप्लीकेट या अस्तित्वहीन हैं।”
कांग्रेस ने यह तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर भी साझा की और लिखा, “एक ब्राज़ीलियन नागरिक की तस्वीर का इस्तेमाल हरियाणा में 22 बार वोट डालने के लिए किया गया।”
हालांकि, चुनाव आयोग (Election Commission) ने राहुल गांधी के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग का कहना है कि मतदान के दिन कांग्रेस के पोलिंग एजेंट्स ने किसी तरह की कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई, इसलिए इस आरोप की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
राहुल गांधी ने बताया कि जिस तस्वीर को उन्होंने दिखाया, उस पर “Matheus Ferrero” नाम लिखा हुआ था। जांच करने पर पता चला कि Matheus Ferrero दरअसल एक ब्राज़ीलियन फोटोग्राफर हैं, और वही तस्वीर उनके ऑनलाइन पोर्टफोलियो में मौजूद है। उस तस्वीर में दिखाई देने वाली महिला का नाम वहां उल्लेखित नहीं है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर जो पोस्ट साझा की, उसमें लिखा गया कि “ब्राज़ील की नागरिक Matheus Ferrero ने हरियाणा में स्वीटी से लेकर सरस्वती तक 22 नामों से वोट डाले।” लेकिन जांच में स्पष्ट हुआ कि Matheus Ferrero कोई मतदाता नहीं बल्कि उस फोटो के फोटोग्राफर हैं। असल में यह तस्वीर एक स्टॉक इमेज है, जिसका दुरुपयोग किसी ने मतदाता सूची में किया हो सकता है।
राहुल गांधी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को “H-बम” नाम दिया और कहा कि हरियाणा में हर आठवां मतदाता फर्जी है। उन्होंने कहा, “यह चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाता है और हमारे लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा है।”





