क्या भारत निभा रहा है युद्ध खत्म कराने में अहम भूमिका? EIC सौरभ शुक्ला के साथ इनसाइड स्टोरी

वैश्विक तनाव और मौजूदा युद्धविराम (सीज़फायर) के भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बीच अब भारत की कूटनीतिक भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। माना जा रहा है कि भारत पर्दे के पीछे रहकर शांति की दिशा में अहम कोशिशें कर रहा है। इस मुद्दे पर बात करते हुए EIC Saurabh Shukla ने कहा कि भले ही सीज़फायर ज्यादा समय तक टिके या नहीं, लेकिन भारत इस समय वैश्विक मंच पर “समझदारी की आवाज़” बनकर उभर रहा है।
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— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) April 11, 2026
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दुनिया के कई बड़े नेताओं से मजबूत संबंध हैं, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ईरान के शीर्ष नेतृत्व शामिल हैं। यही वजह है कि भारत एक संतुलित और भरोसेमंद मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है।
शुक्ला के मुताबिक, भारत पहले से ही सक्रिय कूटनीति में लगा हुआ है। भारत के विदेश सचिव ने वॉशिंगटन डीसी में कई अहम बैठकें की हैं और जल्द ही उनके अमेरिका के मार-ए-लागो दौरे की भी संभावना है, जहां ट्रंप से मुलाकात हो सकती है। हालांकि इन बैठकों की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि बैकचैनल बातचीत जारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के दीर्घकालिक और तात्कालिक हित इस संघर्ष को खत्म करने में ही हैं। ऐसे में भले ही भारत सीधे बातचीत की मेज पर न हो, फिर भी वह पर्दे के पीछे रहकर शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर जोर देते हुए शुक्ला ने कहा कि आज भारत की बात दुनिया में सुनी जाती है और वह तनाव कम करने की दिशा में सकारात्मक योगदान दे सकता है।





