ईरानी महिला फुटबॉल टीम को शरण देने की अपील, ट्रंप बोले– वापस भेजना होगा ‘मानवीय गलती’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ऑस्ट्रेलिया से अपील की कि वह ईरान की महिला फुटबॉल टीम को शरण दे। ट्रंप ने कहा कि अगर खिलाड़ियों को वापस ईरान भेजा गया तो यह एक “भयानक मानवीय गलती” होगी, क्योंकि वहां उनकी जान को खतरा हो सकता है।
ट्रंप ने यह बयान तब दिया जब ईरानी महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया में खेले जा रहे AFC Women’s Asian Cup के पहले मैच से पहले अपने देश का राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया था। इसी वजह से टीम को लेकर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।
खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ियों के संगठन FIFPRO ने भी टीम की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि राष्ट्रगान न गाने के कारण खिलाड़ियों को “युद्धकालीन गद्दार” कहा जा रहा है, जिससे उनके देश लौटने पर खतरा बढ़ सकता है।
ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री से की अपील
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से कहा कि ईरानी खिलाड़ियों को वापस भेजना गलत होगा। उन्होंने लिखा कि अगर ऑस्ट्रेलिया उन्हें शरण नहीं देता है, तो अमेरिका उन्हें शरण देने के लिए तैयार है।
एशियन कप में टीम का प्रदर्शन
इस बीच ऑस्ट्रेलिया में चल रहे टूर्नामेंट में ईरानी महिला टीम का प्रदर्शन खास नहीं रहा। टीम रविवार को फिलीपींस से 2-0 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
राष्ट्रगान को लेकर विवाद
पहले मैच से पहले जब टीम ने राष्ट्रगान नहीं गाया, तो ईरान के सरकारी प्रसारण चैनल के एक कमेंटेटर ने इसे “सबसे बड़ा अपमान” बताया। हालांकि दूसरे मैच में खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान गाया और सलामी भी दी, जिससे मानवाधिकार संगठनों को शक है कि उन पर दबाव डाला गया हो सकता है।





