ईरान-इस्राइल तनाव: अमेरिका का ‘मिडनाइट हैमर’ ऑपरेशन, बढ़ा पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा

पश्चिम एशिया में ईरान और इस्राइल के बीच जारी संघर्ष अब और गंभीर होता जा रहा है। हाल ही में अमेरिका ने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत ईरान के परमाणु ठिकानों पर एक के बाद एक हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना का दावा है कि उसने ईरान की कई परमाणु सुविधाओं को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। इस कार्रवाई को इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ‘अभूतपूर्व’ बताया है।
इन हमलों के जवाब में ईरान की संसद ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। इस प्रस्ताव से क्षेत्र में और तनाव बढ़ गया है, क्योंकि यह जलडमरूमध्य दुनिया के ऊर्जा व्यापार का एक प्रमुख मार्ग है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक में इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई गई है। अब तक इस संघर्ष में दोनों पक्षों से 950 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में युद्ध की आशंका को देखते हुए सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करना चाहिए और बातचीत की मेज पर आना चाहिए।
उन्होंने कहा, “दुनिया इस बात पर एकमत है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हम इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कार्रवाई का समर्थन करते हैं, लेकिन हम पूर्ण युद्ध नहीं चाहते। हमारी प्राथमिकता है कूटनीति और शांति।” अल्बानीज ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर ईरान अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करता रहा तो क्षेत्रीय अस्थिरता और गहराएगी। उन्होंने कहा कि ईरान को अब किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई से बचना चाहिए।
इस्राइली सेना ने सोमवार को एक और बड़ा हवाई हमला किया। आईडीएफ के मुताबिक, इस बार ईरान के केरमानशाह इलाके में स्थित छह सैन्य हवाई ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन में 15 से अधिक इस्राइली फाइटर जेट शामिल थे, जिन्होंने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों पर हमला किया। तनाव के बीच ईरान की न्यायपालिका ने एक और कथित जासूस को फांसी दे दी है। इस व्यक्ति पर इज़राइली खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने का आरोप था। मृतक की पहचान मोहम्मद अमीन महदवी शायेस्तेह के रूप में की गई है।
बीते एक सप्ताह में यह तीसरा मामला है जब ईरान में कथित मोसाद जासूसों को फांसी दी गई है। इससे पहले माजिद मोसायेबी और इस्माइल फेकरी को भी जासूसी के आरोप में मृत्युदंड दिया जा चुका है। ईरानी प्रशासन ने अपने नागरिकों को रविवार तक का समय दिया है कि अगर वे किसी भी विदेशी एजेंसी के संपर्क में हैं तो आत्मसमर्पण कर दें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच खबर है कि ईरान में सोमवार सुबह एक इस्राइली ड्रोन को मार गिराया गया। यह ड्रोन ईरान के पश्चिमी इलाके में मिशन पर था। इसके अलावा इज़राइल ने इराक की सीमा से सटे क्षेत्रों में भी मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों पर हवाई हमले किए हैं। ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ती तनातनी ने पूरे पश्चिम एशिया को संघर्ष के कगार पर ला खड़ा किया है। अमेरिका की सैन्य कार्रवाई, इस्राइल के लगातार हवाई हमले, और ईरान की जवाबी प्रतिक्रियाएं — इन सबने स्थिति को और जटिल बना दिया है। वैश्विक समुदाय अब इस संकट को सुलझाने के लिए कूटनीति की ओर देख रहा है।





