भारत की बेटी बनी ओहायो की कानूनी कमांडर, ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब!

भारतीय मूल की अमेरिकी वकील मथुरा श्रीधरन को अमेरिकी राज्य ओहायो का 12वां सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया है। इस पद के साथ वह ओहायो राज्य और उसकी एजेंसियों की ओर से राज्य और संघीय अदालतों में अपीलों की प्रमुख वकील बन गई हैं।
ओहायो के अटॉर्नी जनरल डेव योस्ट ने श्रीधरन की नियुक्ति की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने इस अहम पद के लिए श्रीधरन को चुना है। वह इलियट गेसर की जगह लेंगी, जिन्हें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिकी न्याय विभाग के कानूनी परामर्श कार्यालय का प्रमुख नियुक्त किया गया था।
नए पद की जिम्मेदारी मिलने पर श्रीधरन ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “अपने साथी ओहायो निवासियों के अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा करना मेरे लिए एक बड़ा सम्मान और सौभाग्य है। अटॉर्नी जनरल योस्ट द्वारा मुझ पर जो विश्वास जताया गया है, उसके लिए मैं आभारी हूं। मैं कानून के शासन को आगे बढ़ाने और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हूं।”
सॉलिसिटर जनरल के रूप में श्रीधरन का दायित्व ओहायो सुप्रीम कोर्ट, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट, अमेरिकी छठे सर्किट कोर्ट और अन्य राज्य एवं संघीय अदालतों में राज्य की ओर से अपीलों की पैरवी करना होगा।
श्रीधरन की नियुक्ति के बाद कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी भारतीय पहचान और पारंपरिक बिंदी पहनने को लेकर नस्लभरी टिप्पणियां कीं। एक यूजर ने कहा, “उन्हें इस पद के लिए नामित नहीं किया जाना चाहिए था।” वहीं एक अन्य ने टिप्पणी की, “मथुरा श्रीधरन को अमेरिका नहीं, भारत के लिए एकतरफा टिकट दिया जाना चाहिए।” कुछ ने बिंदी पहनने को लेकर उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाए। हालांकि, इन आलोचनाओं के बीच कई लोगों ने श्रीधरन के शैक्षणिक और पेशेवर योगदान की सराहना भी की।
मथुरा श्रीधरन ने वर्ष 2018 में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ से कानून की डिग्री प्राप्त की। इसके अलावा, उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्रियां ली हैं। उन्होंने अर्थशास्त्र में भी स्नातक डिग्री हासिल की है।





