
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ बुधवार (18 मार्च 2026) को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया। इस टैंकर में करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लाया गया है।
LPG के जहाज भी पहुंचे
इससे एक दिन पहले ‘नंदा देवी’ नाम का एलपीजी टैंकर गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंचा था, जिसमें 46,500 मीट्रिक टन एलपीजी थी। वहीं 16 मार्च को ‘शिवालिक’ नाम का एक और एलपीजी जहाज मुंद्रा पोर्ट पर आ चुका है। ये सभी जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आए हैं, जो इस समय संघर्ष के कारण बेहद संवेदनशील बना हुआ है।
UAE से आया कच्चा तेल
मुंद्रा पोर्ट का संचालन करने वाली अडानी पोर्ट्स के मुताबिक, ‘जग लाडकी’ में आया कच्चा तेल यूएई के फुजैरा पोर्ट से लोड किया गया था। यह टैंकर काफी बड़ा है, जिसकी लंबाई करीब 274 मीटर और वजन क्षमता लगभग 1.64 लाख टन है।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम
अडानी पोर्ट्स ने बताया कि यह खेप भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे रिफाइनरी को लगातार काम करने में मदद मिलेगी और मौजूदा संकट के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर असर
दरअसल, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर असर पड़ा है, जो खाड़ी देशों से तेल और गैस की सप्लाई का मुख्य रास्ता है। इस वजह से सप्लाई में बाधा आई है।
भारत की निर्भरता
भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल, 50% गैस और 60% एलपीजी आयात करता है। पहले इनका बड़ा हिस्सा सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से आता था, लेकिन मौजूदा हालात के चलते सप्लाई प्रभावित हुई है।
हालांकि, भारत ने रूस जैसे देशों से तेल खरीदकर कुछ हद तक स्थिति संभाली है, लेकिन गैस और एलपीजी की सप्लाई पर असर अभी भी देखा जा रहा है।





