भारत के बंदरगाहों का इस्तेमाल कर ईरान पर हमले का दावा झूठा: सरकार

भारत सरकार ने उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका ईरान पर हमले के लिए भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह फर्जी और बेबुनियाद बताया है।
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिका के पूर्व आर्मी कर्नल Douglas Macgregor ने एक अमेरिकी चैनल One America News Network को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान के हमलों के बाद अमेरिका को भारत के बंदरगाहों का सहारा लेना पड़ रहा है।
उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका के कई सैन्य ठिकाने और बंदरगाह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिसके कारण अमेरिकी नौसेना को भारत के पोर्ट्स का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने इन दावों को तुरंत खारिज कर दिया। मंत्रालय के आधिकारिक Ministry of External Affairs के फैक्ट-चेक अकाउंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह दावा पूरी तरह फर्जी और गलत है। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की बेबुनियाद और मनगढ़ंत टिप्पणियों से सावधान रहने की जरूरत है।
Claim: On a US-based channel, One America News Network (@OANN), former U.S. Army Colonel Douglas Macgregor made a statement suggesting that the United States is using Indian naval bases to attack Iran, amidst the ongoing Iran-US conflict.#PIBFactCheck:
❌This claim is #FAKE… pic.twitter.com/nzcXCi7yT9
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) March 4, 2026
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
इस बीच मध्य-पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में अमेरिका और Israel ने मिलकर Iran पर हमले किए, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संघर्ष में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं।
भारतीय महासागर में बड़ा हमला
मंगलवार रात अमेरिकी पनडुब्बी ने भारतीय महासागर में एक ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से निशाना बनाया, जिसमें 87 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह युद्धपोत भारत की मैत्रीपूर्ण यात्रा से लौट रहा था।
मिडिल ईस्ट में जारी यह संघर्ष अब छठे दिन में प्रवेश कर चुका है और फिलहाल हालात शांत होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।





