भारत की रूस से सस्ते तेल की खरीद जारी, 5% तक की छूट संभव

रूस ने बुधवार को साफ किया कि वह भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति पहले की तरह जारी रखेगा। रूस की ओर से कहा गया है कि भारत को इस तेल पर 5 प्रतिशत तक की छूट भी दी जा सकती है। दिल्ली में रूस के उप व्यापार प्रतिनिधि एवगेनिव ग्रिवा ने बताया कि यह छूट कारोबारी बातचीत पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा, “भारत ने पहले भी रूस से सस्ता तेल खरीदा है और आगे भी खरीदता रहेगा। छूट की बात एक व्यापारिक समझ का हिस्सा है, लेकिन अनुमान है कि यह 5% तक हो सकती है।”
Regarding oil import prices amid tariffs, Evgeniy Griva, Deputy Trade Representative of Russia to India, said, a 5% swing is possible subject to negotiation.
(Source: Russian Embassy in India) pic.twitter.com/TD1ld0qEgH
— ANI (@ANI) August 20, 2025
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक आदेश जारी करते हुए भारत से आने वाले उत्पादों पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है। यह टैरिफ खासतौर पर रूस से कच्चा तेल खरीदने के चलते लगाया गया है। अब अमेरिका द्वारा भारत पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। ट्रंप का आरोप है कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध में अप्रत्यक्ष रूप से रूस को फंड कर रहा है। हालांकि भारत ने इस आरोप को खारिज किया है और कहा है कि वह केवल सस्ती कीमत की वजह से रूस से तेल खरीदता है, और यह फैसला राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
रूस के उप राजदूत रोमन बाबुश्किन ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से भारत पर दबाव डालना अनुचित है। बाबुश्किन ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक हालात के बावजूद भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “यह भारत के लिए एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है, लेकिन रूस को भारत के साथ अपने रिश्तों पर पूरा भरोसा है।”
#WATCH | Delhi | On US sanctioning 50% tariff on India, Roman Babushkin, Chargé d’Affaires of the Russian Embassy in India, says, “..If Indian goods are facing difficulties entering the US market, the Russian market is welcoming Indian exports…” pic.twitter.com/DjeUdmSYbJ
— ANI (@ANI) August 20, 2025
बाबुश्किन ने यह भी कहा कि रूस पर लगे पश्चिमी देशों के प्रतिबंध उन्हीं देशों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मौजूदा वैश्विक हालात में उन्होंने BRICS देशों को एक स्थिर ताकत बताया और कहा कि इसकी भूमिका आने वाले समय में और बढ़ेगी।





