पांच साल बाद फिर खुल सकता भारत–चीन बॉर्डर ट्रेड

चीन के विदेश मंत्री वांग यी सोमवार को भारत पहुंचे। दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-चीन सीमा विवाद, द्विपक्षीय संबंधों और आपसी सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत की। भारत और चीन के रिश्तों में अब नरमी के संकेत दिखने लगे हैं। दोनों देशों के बीच करीब पांच साल से बंद पड़ा सीमा व्यापार (Border Trade) दोबारा शुरू करने को लेकर बातचीत चल रही है। अगर इस पर सहमति बनती है, तो सीमा से लगे गांवों और कस्बों में एक बार फिर चहल-पहल लौट सकती है।
करीब 30 सालों तक भारत-चीन सीमा पर बने तीन तयशुदा बिंदुओं से स्थानीय उत्पादों का कारोबार होता रहा है। इनमें मसाले, कालीन, लकड़ी का फर्नीचर, मवेशियों का चारा, मिट्टी के बर्तन, औषधीय पौधे, ऊन और इलेक्ट्रिक सामान शामिल थे। साल 2017-18 में इस व्यापार का कुल मूल्य लगभग 31.6 लाख डॉलर (करीब 27.65 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया था।
#WATCH | Delhi: Chinese Foreign Minister Wang Yi arrives in India on a visit on 18-19 August 2025, at the invitation of NSA Ajit Doval.
EAM Dr S Jaishankar will hold a bilateral meeting with Wang Yi. During his visit, Wang Yi will hold the 24th round of the Special… pic.twitter.com/ol0Gwg74J8
— ANI (@ANI) August 18, 2025
बैठक में जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों से लड़ना भारत की प्राथमिकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत से भारत और चीन के बीच स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी संबंधों की नींव मजबूत होगी। जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत ने एससीओ शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता के दौरान चीन के साथ मिलकर काम किया है और अब चीन की मेजबानी में होने वाले इस सम्मेलन की सफलता की कामना करता है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि वांग यी की यात्रा के जरिए चीन उच्च स्तरीय संवाद, राजनीतिक भरोसे और व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करना चाहता है। उन्होंने बताया कि सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता दोनों देशों के बीच सबसे महत्वपूर्ण चैनल है। हाल ही में बीजिंग में हुई 23वीं वार्ता में सीमा प्रबंधन और सहयोग पर कई सहमतियां बनी थीं। माओ निंग ने कहा कि चीन भारत के साथ रचनात्मक तरीके से संवाद जारी रखने और सीमा क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। वांग यी भारत में द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हितों के मुद्दों पर गहन बातचीत करेंगे।
#WATCH | Delhi: In his meeting with Chinese Foreign Minister Wang Yi, EAM Dr S Jaishankar says, “The fight against terrorism in all its forms and manifestations is another major priority. I look forward to our exchange of views. Overall, it is our expectation that our discussions… pic.twitter.com/gJOeelcIw5
— ANI (@ANI) August 18, 2025
वांग यी का यह भारत दौरा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया है। भारत ने इस कदम को अनुचित बताया है। इसी बीच एनएसए अजीत डोभाल रूस दौरे पर गए और वहीं से उन्होंने वांग यी को सीमा विवाद पर बातचीत के लिए भारत आमंत्रित किया। अब वांग यी की यात्रा और पीएम मोदी का आगामी चीन दौरा, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक हलचल को और तेज कर रहे हैं। चीन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें पीएम मोदी भी शामिल होंगे।





