खेल

इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी, 55 गेंदों में जड़ा शतक

हरारे में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के 14 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी ऐतिहासिक पारी खेली, जिसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया। इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में वैभव ने न सिर्फ भारत को विस्फोटक शुरुआत दिलाई, बल्कि फाइनल के दबाव में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

मैच की शुरुआत से ही वैभव सूर्यवंशी आक्रामक अंदाज़ में नजर आए। उन्होंने महज 55 गेंदों में अपना शतक पूरा कर अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास का सबसे तेज शतक जड़ दिया। उनकी इस पारी में 8 छक्के और 8 चौके शामिल रहे, जिससे इंग्लैंड के गेंदबाज पूरी तरह बैकफुट पर आ गए।

शतक के बाद भी वैभव का बल्ला नहीं रुका। अगली 25 गेंदों में उन्होंने 75 रन और जोड़ दिए। वैभव 175 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें उन्होंने कुल 15 छक्के और 15 चौके लगाए। खास बात यह रही कि उनके 175 में से सिर्फ 25 रन ही दौड़कर आए, जबकि बाकी रन उन्होंने बाउंड्री से बटोरे। इस टूर्नामेंट में वैभव सूर्यवंशी एक संस्करण में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। वर्ल्ड कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज के रूप में भी उन्होंने खुद को स्थापित किया।

वैभव की बल्लेबाजी में दिग्गज खिलाड़ियों की झलक साफ नजर आई। स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ आगे बढ़कर खेलने की उनकी शैली सौरव गांगुली की याद दिलाती है, जबकि तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनकी टाइमिंग और फुटवर्क ब्रायन लारा जैसी दिखती है। क्रिकेट विशेषज्ञों के मुताबिक, उनकी कलाईयों का शानदार इस्तेमाल और गैप ढूंढने की क्षमता उन्हें अपनी उम्र के अन्य खिलाड़ियों से काफी आगे खड़ा करती है।

ऑफ स्पिनर फहाद के खिलाफ दिखाई गई उनकी पावर हिटिंग ने यह साफ कर दिया कि वैभव सूर्यवंशी भविष्य के लिए एक बेहद खास खिलाड़ी हैं। 175 रनों की इस पारी में 150 रन सिर्फ बाउंड्री से बनाना उनकी बल्लेबाजी की आक्रामकता का सबसे बड़ा सबूत है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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