मोदी-मैक्रों की अहम बातचीत! यूक्रेन युद्ध पर क्या बनी नई रणनीति?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत की। यह बातचीत गुरुवार को हुई, जिसकी जानकारी दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। पीएम मोदी ने पोस्ट में लिखा, “अपने मित्र राष्ट्रपति मैक्रों के साथ बहुत अच्छी चर्चा हुई। यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। साथ ही भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।”
Had a very good conversation with my friend President Macron. Exchanged views on efforts for peaceful resolution of conflicts in Ukraine and in West Asia. Reaffirmed our commitment to further strengthen the India-France strategic partnership.@EmmanuelMacron
— Narendra Modi (@narendramodi) August 21, 2025
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर बात की। मैक्रों ने कहा, “हमने यूक्रेन और यूरोप की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ने पर चर्चा की। साथ ही सभी क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई।”
Je viens de m’entretenir avec le Premier ministre @NarendraModi.
Nous avons coordonné nos positions sur la guerre en Ukraine pour avancer vers une paix juste et durable, avec des garanties solides pour l’Ukraine et la sécurité de l’Europe.
S’agissant des questions commerciales,…
— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) August 21, 2025
राष्ट्रपति मैक्रों ने बताया कि दोनों नेता कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए भी काम कर रहे हैं। फरवरी में पेरिस में एआई एक्शन समिट आयोजित हुआ था, वहीं 2026 में यह शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में होगा। मैक्रों ने कहा कि इस दौरान जी-7 की फ्रांस अध्यक्षता और ब्रिक्स की भारत अध्यक्षता को देखते हुए अधिक प्रभावी बहुपक्षवाद के लिए करीबी तालमेल पर सहमति बनी है।
उधर, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों इस हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच हुई मुलाकात में भी मौजूद थे। यह बैठक अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ट्रंप की शिखर वार्ता के कुछ दिनों बाद हुई, जिसमें यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा की गई थी।





