सरकार का ऐतिहासिक फैसला, 8वें वेतन आयोग के गठन को मिली मंजूरी

नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों को जिस पल का बेसब्री से इंतजार था, वह आखिरकार आ ही गई। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब महंगाई भत्ता 53% तक पहुंच चुका है और कर्मचारियों की मांग आय में सुधार के लिए लंबे समय से जारी थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैfबनेट की बैठक में इस ऐतिहासिक निर्णय की घोषणा की गई। गुरुवार को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि नया वेतन आयोग अपनी रपोट 2026 तक सौंपेगा। यह खबर न केवल सरकारी कर्मचारियों बिल्कि पेंशनभोगियों के लिए भी राहत लेकर आई है।
2016 में लागू हुआ था 7वां वेतन आयोग
पिछले 7वें वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 को लागू fकया गया था,जिसने करीब 1 करोड़ सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को फायदा पहुंचाया। हर 10 साल में नए वेतन आयोग का गठन किया जाता है। लेकिन सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन समय से पहले ही कर दिया है।
8वें वेतन आयोग से बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक, नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 2.86 तक बढ़ाए जाने की संभावना है। अगर यह लागू हुआ तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये हो सकती है। इसी तरह पेंशनभोगियों की न्यूनतम पेंशन भी मौजूदा 9,000 रुपये से बढ़कर 25,740 रुपये हो सकती है।
फिटमेंट फैक्टर वेतन निर्धारण का मुख्य आधार होता है। 7वें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था, जिससे कर्मचारियों के वेतन में 2.57 गुना तक की वृद्धि हुई थी। इससे पहले 6वें वेतन आयोग में यह 1.86 था। अब 8वें वेतन आयोग में इसे और बढ़ाने की तैयारी है, जिससे कम चा रयों और पेंशनस को भारी फायदा होगा।
कैसे बदलेगा सरकारी कर्मचारियों का वेतन?
8वें वेतन आयोग के अंतर्गत न केवल न्यूनतम सैलरी में वृद्धि होगी, बिल्क अन्य भत्तों और लाभों में भी सुधार होगा। फिटमेंट फैक्टर के साथ-साथ ग्रेड पे, महंगाई भत्ता और अन्य अलाउंसेज को भी पुनः निर्धारित किया जाएगा। इससे लाखों कर्मचारियों को आर्थिक फायदा होगा।





