पूर्वी नेपाल में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही, अब तक 40 लोगों की मौत

पूर्वी नेपाल के कोशी प्रांत में शनिवार रात से लगातार हो रही भारी बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन हुए हैं, जिनमें अब तक कम से कम 40 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार, इलम जिले के सूर्योदय नगर पालिका के मानेभंज्यांग इलाके में पांच लोगों की जान गई है, जबकि जिले के अन्य हिस्सों में भी कई लोगों की मौत हुई है।
कोशी प्रांत पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता एसएसपी दीपक पोखरेल ने बताया कि सूर्योदय नगर पालिका में पांच, मंगसेबुंग नगर पालिका में तीन और इलम नगर पालिका में छह लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा देउमई नगर पालिका में तीन और फक्फोकथुम ग्राम परिषद में एक व्यक्ति की जान गई है। उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कई इलाकों में मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी है।
नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल सेना को तुरंत प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। सेना ने बचाव कार्यों के लिए एक हेलीकॉप्टर भेजा है, हालांकि खराब मौसम के कारण राहत अभियान में दिक्कतें आ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई जगहों पर सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में देरी हो रही है।
भारी बारिश के चलते नेपाल के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि बागमती, हनुमंत, मनोहरा, धोबी खोला, विष्णुमती, नक्कु और बाल्खु नदियों में पानी खतरनाक स्तर के करीब पहुंच गया है। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और कई बस्तियों में पानी घुसने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने कोशी, मधेशी, बागमती, गंडकी और लुम्बिनी प्रांतों में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सुनसरी, उदयपुर, सप्तरी, सिराहा, धनुषा, महोत्तरी, रौतहट, बारा, परसा, सिंधुली, दोलखा, काठमांडू और चितवन जैसे जिलों में भूस्खलन और बाढ़ का गंभीर खतरा बताया गया है।
आमतौर पर नेपाल में मानसून जून से सितंबर के अंत तक सक्रिय रहता है, लेकिन इस बार वापसी के चरण में भी वर्षा का पैटर्न बदल गया है, जिससे कई क्षेत्रों में भारी बारिश जारी है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार, इस वर्ष लगभग 20 लाख लोग और 4.5 लाख से अधिक परिवार मानसून से जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हो सकते हैं।
नेपाल सरकार ने सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने, निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपात बचाव टीमों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।





