देशभर में भारी मानसूनी बारिश का कहर, 17 स्थानों पर गंभीर बाढ़ की स्थिति

देश के अधिकांश हिस्सों में इस समय मानसूनी बारिश का दौर जारी है, जिससे कई राज्य प्रभावित हो रहे हैं। भारत के पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानों और तटीय इलाकों तक, झमाझम बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बाढ़ और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों तक और भी ज्यादा बारिश की चेतावनी जारी की है।
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सड़कों की हालत खराब है, कई पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं और ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। हिमाचल में 21 से 23 जुलाई तक भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में अब तक 250 से ज्यादा सड़कें बंद हैं और 81 बिजली ट्रांसफार्मर के साथ 61 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप हो चुकी हैं। मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है।
उत्तराखंड में 20 और 21 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी के तहत रेड अलर्ट जारी किया गया है। खराब मौसम के चलते हिमाचल के किन्नौर में चल रही किन्नौर कैलाश यात्रा को शुक्रवार के दिन स्थगित कर दिया गया। जिला प्रशासन ने यात्रा पर निकले करीब 460 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बेस कैंपों में ठहराया है।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के 17 स्थानों पर बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बिहार और उत्तर प्रदेश में गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पटना के गांधीघाट और हथिदह, तथा यूपी के बलिया में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कोसी, बागमती, पुनपुन और बुढ़ी गंडक जैसी नदियों ने बिहार के कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं।
बिहार में पिछले दो दिनों के दौरान बिजली गिरने की घटनाओं में 34 लोगों की मौत हो गई है। इनमें सबसे ज्यादा नालंदा और वैशाली जिलों में 6-6 मौतें हुई हैं। वहीं शेखपुरा में 5, पटना और औरंगाबाद में 3-3, नवादा और बांका में 2-2 लोगों की मौत हुई है। बिजली गिरने से छह लोग घायल भी हुए हैं। अप्रैल से अब तक राज्य में बिजली गिरने से 90 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। जम्मू-कश्मीर के आठ जिलों—जम्मू, कठुआ, सांबा, डोडा, रामबन, रियासी, राजोरी और उधमपुर में आगामी 48 घंटों में भारी बारिश की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में 115 से 215 मिमी तक बारिश हो सकती है, जिससे बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाएं आ सकती हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की गई है, जिसमें कुछ स्थानों पर 21 सेमी तक वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा, पश्चिमी यूपी, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, ओडिशा समेत कई राज्यों में 7 से 20 सेमी तक बारिश हुई है। भारी बारिश के कारण राजस्थान के अजमेर स्थित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में पानी घुस गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि शुक्रवार सुबह से हो रही तेज बारिश के कारण पूरे शहर का जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिन उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मध्य महाराष्ट्र, गोवा, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। देशभर में मानसूनी बारिश का असर हर ओर देखा जा रहा है। नदियों का बढ़ता जलस्तर, भूस्खलन और बिजली गिरने जैसी घटनाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनज़र आने वाले दिनों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।





