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नवरात्रि में हवन और रात में स्कॉच? ममता ने तोड़ी चुप्पी!

बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी, जो लंबे समय से आध्यात्मिक यात्रा पर हैं, हाल ही में चर्चा में आईं जब उन्हें किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया, लेकिन महज सात दिनों के भीतर ही उन्हें पद से हटा दिया गया। उनके खिलाफ भारी विरोध हुआ, जिससे यह मामला और भी सुर्खियों में आ गया।

 

ममता कुलकर्णी ने 1996 से ही आध्यात्म और भक्ति की राह पकड़ ली थी। वे नवरात्रि के व्रत, यज्ञ और हवन किया करती थीं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने इस सफर के बारे में खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 1997 में जब वे फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय थीं, तभी उनके गुरु उनके जीवन में आए थे। तब से वे सख्त अनुशासन में रहते हुए आध्यात्मिक साधना करने लगीं। शूटिंग के दौरान भी वे अपने साथ एक पोर्टेबल मंदिर रखती थीं और नियमित पूजा-पाठ करती थीं।

 

हालांकि, उनके जीवन का यह दौर विवादों से भी अछूता नहीं रहा। उस समय ऐसी चर्चाएं थीं कि वे दिन में हवन करती थीं और रात में शराब पीती थीं। इस पर सफाई देते हुए ममता ने कहा कि उन्होंने नवरात्रि के नौ दिनों का कठिन व्रत रखा था, केवल पानी पर निर्भर थीं और दिन में तीन बार हवन करती थीं। लेकिन उनके डिजाइनर ने उन्हें नवरात्रि के बीच में ताज होटल चलने के लिए मना लिया, जहां उन्होंने स्कॉच पी। उनका शरीर तपस्या के कारण कमजोर था, जिससे वे सिर्फ दो पैग के बाद ही असहज महसूस करने लगीं और 40 मिनट तक वॉशरूम में बैठी रहीं।

 

ममता ने बताया कि उनके गुरु ने जल्द ही समझ लिया था कि फिल्म इंडस्ट्री में रहकर वे अपनी आध्यात्मिक यात्रा को जारी नहीं रख पाएंगी। इसलिए उन्होंने उन्हें एक ऐसी जगह पर तपस्या करने भेजा, जहां 12 साल तक कोई उनसे संपर्क न कर सके। इसके बाद ममता ने दुबई और केन्या में कई वर्षों तक साध्वी का जीवन जिया।

 

आज भी ममता कुलकर्णी उसी आध्यात्मिक राह पर चल रही हैं, हालांकि उनके सफर में विवादों की भी कमी नहीं रही है। महामंडलेश्वर बनाए जाने और फिर हटाए जाने की घटना ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है।

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