गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ से आयी आफत, सीएम भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा बैठक

गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ से आयी आफत, सीएम भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा बैठक
गुजरात में सौराष्ट्र से लेकर कच्छ तक बारिश और बाढ़ ने कोहराम मचा रखा है। राज्य में भारी बारिश और बाढ़ के चलते बीते तीन दिनों में 32 लोगों की मौत हो चुकी है। वडोदरा समेत कई शहरों में तो बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं जिसके चलते राहत और बचाव का अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। इतना ही नहीं मगरमच्छ नदियों से बहकर घरों की छतों पर पहुंच गए हैं। वहीं, मौसम विभाग के एक और अपडेट ने चिंता बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने गुजरात में एक चक्रवात के उठने की संभावना जताई है।
गुजरात में कुदरत की इस कहर के बीच मौसम विभाग (IMD) ने अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का हाई-अलर्ट जारी किया है। वहीं भयंकर बारिश और बाढ़ से जूझ रहे गुजरात में आज हालात और भी बिगड़ सकते हैं। जिस डीप डिप्रेशन की वजह से गुजरात में भारी बारिश हो रही थी वो अरब सागर में दाखिल होने जा रहा है। जिससे कच्छ और सौराष्ट्र में तूफानी बारिश के आसार हैं।
गुजरात में गंभीर हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। पीएम मोदी ने फोन पर बात करके भरोसा दिया है कि केंद्र सरकार हर मुमकिन मदद करेगी। इसके साथ ही गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल कच्छ जिले में भारी बारिश और संभावित तूफान के पूर्वानुमान के बाद वडोदरा से गांधीनगर स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर पहुंचे। उन्होंने जिला कलेक्टर के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस प्राकृतिक आपदा के खिलाफ व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने इस आपदा से लोगों को बचाने के लिए जहां भी जरूरी हो, तत्काल प्रभाव से लोगों को निकालने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राजकुमार और वरिष्ठ सचिव भी इस बैठक में शामिल हुए।
गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल कच्छ जिले में भारी बारिश और संभावित तूफान के पूर्वानुमान के बाद वडोदरा से गांधीनगर स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर पहुंचे। उन्होंने जिला कलेक्टर के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस प्राकृतिक आपदा के खिलाफ व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री… pic.twitter.com/rcwaPJsmyl
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 30, 2024
एक आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि राज्य में 140 जलाशय और बांध तथा 24 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राष्ट्रीय और राज्य आपदा राहत बलों के अलावा सेना, वायु सेना और तटरक्षक बल को बचाव और राहत कार्य के लिए बुलाया गया है। राजकोट, आणंद, मोरबी, खेड़ा, वडोदरा और द्वारका में सेना को तैनात किया गया है। अहमदाबाद, राजकोट, बोटाद, आणंद, खेड़ा, महिसागर, कराच और मोरबी में प्राइमरी-सेकंडरी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी कर दी गई है।





