बिल्ली के नाम पर सरकारी सर्टिफिकेट! बिहार में फिर सामने आया फर्जीवाड़ा

बिहार के रोहतास जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक बिल्ली के नाम पर रेसिडेंशियल सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया। आवेदन में आवेदक का नाम ‘कैट कुमार’, पिता का नाम ‘कैटी बॉस’ और मां का नाम ‘कैटिया देवी’ लिखा गया था। मामले का खुलासा होते ही रोहतास की जिलाधिकारी उदिता सिंह ने राजस्व पदाधिकारी कौशल पटेल को जांच के निर्देश दिए और अज्ञात लोगों के खिलाफ नसरिगंज थाने में मामला दर्ज कराने को कहा।
कौशल पटेल ने पुलिस में शिकायत दी कि वे अपने आवेदन की जानकारी लेने आरटीपीएस काउंटर पहुंचे थे, तभी पता चला कि उसी पते से एक ऑनलाइन आवेदन (नंबर 6205631700) ‘कैट कुमार’ के नाम से डाला गया है। इसमें गलत माता-पिता के नाम भरे गए हैं और फोटो उनकी (कौशल पटेल) का इस्तेमाल किया गया है। उनका आरोप है कि किसी ने जानबूझकर उनकी फोटो और गलत विवरण का इस्तेमाल करके सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग करने और ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं में फायदा लेने की कोशिश की है।
पुलिस ने इसे साइबर फ्रॉड का मामला मानते हुए जांच शुरू कर दी है। आरोपियों पर सरकारी काम में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। गौरतलब है कि कुछ हफ्ते पहले ही ऐसे दो और फर्जी आवेदन सामने आए थे — एक में आवेदक का नाम ‘डॉग बाबू’ (पटना) और दूसरे में ‘सोनालिका ट्रैक्टर’ (पूर्वी चंपारण) था। इन मामलों में विभागीय जांच के बाद दो कर्मचारियों पर कार्रवाई भी हुई थी।
जानकारों का कहना है कि बिहार में मतदाता सूची संशोधन शुरू होने के बाद से रेसिडेंशियल सर्टिफिकेट के लिए बड़े पैमाने पर आवेदन आ रहे हैं, क्योंकि यह चुनाव आयोग द्वारा स्वीकार किए जाने वाले 11 दस्तावेजों में शामिल है।





