सोने ने तोड़ा रिकॉर्ड! पहली बार $4,000 प्रति औंस पार

नई दिल्ली: दुनियाभर के बाजारों में सोमवार को सोने ने इतिहास रच दिया. 8 अक्टूबर की सुबह एशियाई बाजार में पहली बार गोल्ड का भाव $4,000 प्रति औंस के पार चला गया. अमेरिका में संभावित गवर्नमेंट शटडाउन, फेडरल रिजर्व के रेट कट संकेत और वैश्विक राजनीतिक अनिश्चितता ने एक बार फिर सोने को निवेशकों का पसंदीदा सुरक्षित ठिकाना बना दिया है.
भारत में भी तेज़ी का असर, MCX पर 806 रुपये की छलांग
घरेलू बाजार में भी सोने की चमक जारी है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स 121,055 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर ट्रेड कर रहा था — यानी पिछले दिन से 806 रुपये या 0.67% की बढ़त.
हालांकि, चांदी में कमजोरी देखने को मिली. दिसंबर सिल्वर फ्यूचर्स 145,410 रुपये प्रति किलो पर आ गए, जो लगभग 2,109 रुपये (1.43%) की गिरावट है.
अमेरिकी बाजार में नया रिकॉर्ड
अमेरिका में भी गोल्ड फ्यूचर्स ने इतिहास रच दिया. दिसंबर डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट $4,004.4 प्रति औंस पर बंद हुए, जो दिन के दौरान $4,014.6 तक पहुंचे. वहीं स्पॉट गोल्ड $3,985.82 प्रति औंस पर ट्रेड हुआ — जो दिन में $3,990.85 के ऑल-टाइम हाई को छू चुका था.
इसके उलट स्पॉट सिल्वर 1.4% गिरकर $47.86 प्रति औंस पर आ गई.
क्यों लगातार चढ़ रहा है सोना?
जानकारों के मुताबिक, इस तेज़ी के पीछे कई कारक हैं:
- फेड रेट कट की उम्मीदें: बाजारों में इस साल 45 बेसिस पॉइंट तक रेट कट की अटकलें हैं.
- सुरक्षित निवेश की चाह: अमेरिकी शटडाउन और फ्रांस की राजनीतिक अस्थिरता से निवेशक सोने की ओर लौट रहे हैं.
- कमज़ोर डॉलर: डॉलर इंडेक्स में गिरावट से गोल्ड का वैश्विक भाव और बढ़ा है.
- सेंट्रल बैंकों की खरीद: चीन समेत कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार गोल्ड खरीद रहे हैं.
- ETF इनफ्लो: गोल्ड-आधारित ETF में निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ी है.
2025 में अब तक 52% की छलांग
सोने की कीमतों में इस साल की शुरुआत से अब तक 52% की बढ़त दर्ज की गई है. पिछले साल यानी 2024 में इसमें 27% की बढ़ोतरी हुई थी. लगातार बढ़ती कीमतों के चलते अब निवेशकों में FOMO (Fear of Missing Out) की भावना दिख रही है — यानी “अगर अब नहीं खरीदा तो मौका हाथ से निकल जाएगा.”
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं
UBS के एनालिस्ट जियोवानी स्टौनोवो के अनुसार,
“कीमत ऊंची होने के बावजूद निवेशक खरीदारी जारी रखे हुए हैं — यही रैली को और मजबूत बना रहा है.”
वहीं, Zaner Metals के पीटर ग्रांट का कहना है,
“सरकारी शटडाउन और बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितता के बीच ‘सेफ-हेवन फ्लो’ लगातार जारी है. यही वजह है कि गोल्ड की मांग बनी हुई है.”





