स्विगी-जोमैटो समेत गिग वर्कर्स की देशव्यापी हड़ताल, कम भुगतान और बीमा की मांग

स्विगी, जोमैटो, जेप्टो और अमेज़न जैसी कंपनियों से जुड़े प्लेटफॉर्म वर्कर्स ने बुधवार को देशभर में हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) के आह्वान पर की जा रही है। डिलीवरी एजेंट्स का कहना है कि कम भुगतान, बीमा की कमी और लगातार बढ़ता काम का दबाव उनकी मुख्य समस्याएं हैं।
हड़ताल पर बैठे डिलीवरी एजेंट्स का आरोप है कि कंपनियों द्वारा तय किया गया मौजूदा “रेट कार्ड” अब उनके खर्च तक नहीं निकाल पा रहा है। उनका कहना है कि पेट्रोल, मेंटेनेंस और समय के हिसाब से भुगतान बहुत कम है।
एक डिलीवरी एजेंट ने बताया कि उन्हें दिनभर भारी दबाव में काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “चाहे कितनी भी परेशानी हो, हमें मुस्कुराकर ग्राहक से रेटिंग मांगनी पड़ती है। अगर ऑर्डर कैंसल हो जाता है, तो कई बार जुर्माना भी हमें ही भरना पड़ता है। हम 14 घंटे काम करते हैं, लेकिन इसके बदले सही पैसे नहीं मिलते।”
#WATCH | Delhi | Platform-based workers associated with companies such as Swiggy, Zomato, Zepto and Amazon are on a nationwide strike today under the banner of the Indian Federation of App-Based Transport Workers (IFAT).
A food delivery agent says, “We are also participating in… pic.twitter.com/enZSFAaxII
— ANI (@ANI) December 31, 2025
एक अन्य फूड डिलीवरी एजेंट ने बताया कि अब उन्हें कंपनी की ओर से बीमा का लाभ भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भुगतान व्यवस्था ठीक थी, लेकिन अब उसमें बदलाव कर दिया गया है, जिससे सभी राइडर्स को परेशानी हो रही है।
एजेंट ने बताया कि हाल ही में एक राइडर का बाराखंबा इलाके में एक्सीडेंट हो गया था, लेकिन उसे बीमा का कोई क्लेम नहीं मिला। कंपनी अधिकारियों ने उससे कागजात बनवाकर भेजने को कहा, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया। मजबूरी में बाकी राइडर्स ने आपस में पैसे इकट्ठा कर उसकी मदद की।
डिलीवरी एजेंट्स का कहना है कि लंबी शिफ्ट के बाद भी उन्हें दिनभर में सिर्फ 700 से 800 रुपये ही मिल पाते हैं। उनका आरोप है कि टीम लीडर फोन तक नहीं उठाते और थोड़ी सी बहस होने पर आईडी ब्लॉक कर दी जाती है। दिल्ली समेत कई शहरों में इसका असर देखने को मिला है।
#WATCH | Delhi | Platform-based workers associated with companies such as Swiggy, Zomato, Zepto and Amazon are on a nationwide strike today under the banner of the Indian Federation of App-Based Transport Workers (IFAT).
A food delivery agent says, “Initially, the rate card was… pic.twitter.com/fNvgMWiDSA
— ANI (@ANI) December 31, 2025
इस बीच, तेलंगाना गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शैक सल्लाउद्दीन ने केंद्र और राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सभी प्लेटफॉर्म से 10 मिनट डिलीवरी जैसी सेवाएं बंद करने और पुराने भुगतान सिस्टम को फिर से लागू करने की मांग की है।
#WATCH | Hyderabad, Telangana: On Gig workers call nationwide strike on December 31, Founder & President, Telangana Gig and platform workers union (TGPWU), Shaik Salauddin says, “… We kept five demands before the platform companies. First, they should restore the old payout… pic.twitter.com/AKVPhodzh5
— ANI (@ANI) December 31, 2025
शैक सल्लाउद्दीन ने बताया कि 25 और 31 तारीख को भी हड़ताल का आह्वान किया गया था, जिसमें करीब 40 हजार वर्कर्स ने समर्थन दिया। उन्होंने दावा किया कि अब देशभर में डेढ़ लाख से ज्यादा गिग वर्कर्स इस आंदोलन से जुड़े हैं और संख्या लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियां हड़ताल करने वाले वर्कर्स को डराने और उनके अकाउंट ब्लॉक करने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि ऐसे दबाव से वर्कर्स पीछे हटने वाले नहीं हैं।





