कैलाश मानसरोवर से लेकर ग्लोबल ट्रेड तक… मोदी-शी की बातचीत में क्या हुआ खास?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को मुलाकात के दौरान भारत और चीन की भूमिका को वैश्विक व्यापार को स्थिर करने में अहम बताया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया। यह बैठक तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से पहले हुई।
अमेरिका की बढ़ती टैरिफ नीति के बीच बातचीत
यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारी टैरिफ बढ़ाने के फैसले से प्रभावित है। ट्रंप ने इस साल करीब 60 देशों और व्यापारिक समूहों पर टैरिफ लगाया है। भारत पर 50% टैरिफ के साथ रूसी तेल खरीदने पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया गया, जबकि चीन पर 30% टैरिफ लगाया गया था, जिसे फिलहाल 90 दिनों के लिए रोक दिया गया है।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर सहमति
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, मोदी और शी ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने और व्यापार असंतुलन को कम करने की जरूरत पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और चीन को रणनीतिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से आर्थिक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
लोगों के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे
बैठक में लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इसमें सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने और वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा और टूरिस्ट वीजा की बहाली का भी जिक्र हुआ।
भारत और चीन ने चीन के मुख्य भूभाग और भारत के बीच सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने और एयर सर्विसेज एग्रीमेंट को अपडेट करने पर सहमति जताई है। साथ ही, पर्यटकों, कारोबारियों, मीडिया और अन्य आगंतुकों के लिए वीजा सुविधा आसान करने पर भी सहमति बनी है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली
इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा भी फिर से शुरू हुई है, जिसका स्वागत विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बीजिंग में चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात के दौरान किया था।
तीसरे देश के नजरिये से न देखें रिश्ते: मोदी
मोदी ने बैठक में कहा कि भारत और चीन दोनों रणनीतिक स्वायत्तता का पालन करते हैं और उनके रिश्तों को किसी तीसरे देश के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों, जैसे आतंकवाद और बहुपक्षीय मंचों पर निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं पर सहयोग बढ़ाने की सहमति भी जताई। सूत्रों के मुताबिक, एससीओ सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
एससीओ के बारे में
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में फिलहाल 10 सदस्य देश हैं: भारत, बेलारूस, चीन, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान। भारत 2005 से पर्यवेक्षक रहने के बाद 2017 में इसका पूर्ण सदस्य बना।





