2026 से साल में दो बार होंगे 10वीं के बोर्ड एग्जाम, CBSE का बड़ा फैसला

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। अब 2026-27 सत्र से बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। इसका मकसद छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और उन्हें अंक सुधारने का एक और मौका देना है। इस फैसले की जानकारी CBSE के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने 25 जून को दी। उन्होंने बताया कि यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की सिफारिशों के अनुरूप किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत पहली बोर्ड परीक्षा फरवरी के मध्य में होगी, जिसके नतीजे अप्रैल में घोषित किए जाएंगे। इसके बाद मई में दूसरी परीक्षा होगी, जो पूरी तरह से वैकल्पिक होगी। इसमें छात्र अधिकतम तीन विषयों में अंक सुधार के लिए दोबारा परीक्षा दे सकेंगे। इनमें विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और दो भाषाओं के विषय शामिल हो सकते हैं। दूसरी परीक्षा के नतीजे जून में आएंगे।
CBSE ने साफ किया है कि आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) पहले की तरह साल में केवल एक बार ही होगा। सर्दी वाले क्षेत्रों में पढ़ाई करने वाले छात्र अपनी सुविधा के अनुसार दोनों में से किसी एक परीक्षा में बैठ सकेंगे। यह फैसला CBSE द्वारा फरवरी 2026 में जारी किए गए मसौदा नीति पर देशभर के शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों से मिली राय के बाद लिया गया है।
इस नई व्यवस्था से छात्रों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने और तनाव मुक्त पढ़ाई का अवसर मिलेगा।





