देश भर में लागू हुए 4 नए लेबर कानून, मोदी सरकार ने बताया ऐतिहासिक सुधार

देश में लंबे समय से लंबित पड़े चारों श्रम कानूनों को आखिरकार बीते शुक्रवार (21 नवंबर 2025) से लागू कर दिया गया है। ये चार लेबर कोड्स संसद द्वारा वर्ष 2020 में पास किए गए थे, लेकिन इन्हें लागू होने में पाँच साल से ज्यादा समय लग गया। केंद्र सरकार के फैसले के बाद अब ये नए कानून पूरे देश में प्रभावी हो गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक बदलाव को लेकर एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि आज सरकार ने चारों लेबर कोड्स को लागू कर दिया है। उन्होंने इसे स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़े और सबसे प्रगतिशील श्रम सुधार बताया। पीएम मोदी के अनुसार, नए कानून श्रमिकों को अधिक अधिकार और सुरक्षा देंगे, साथ ही उद्योगों के लिए नियमों का पालन करना आसान बनाएंगे और ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को बढ़ावा देंगे।
Shramev Jayate!
Today, our Government has given effect to the Four Labour Codes. It is one of the most comprehensive and progressive labour-oriented reforms since Independence. It greatly empowers our workers. It also significantly simplifies compliance and promotes ‘Ease of…
— Narendra Modi (@narendramodi) November 21, 2025
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने भी एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, “आज से देश में नए श्रम कानून लागू हो गए हैं।” उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हर मजदूर की गरिमा को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मांडविया ने आगे बताया कि ये सुधार सिर्फ सामान्य बदलाव नहीं हैं, बल्कि प्रधानमंत्री द्वारा देश के करोड़ों श्रमिकों के welfare के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि ये सुधार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को नई रफ्तार देंगे।
नए लेबर कोड्स में कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। इनमें युवाओं के लिए नियुक्ति पत्र की अनिवार्यता, महिलाओं को समान वेतन और सम्मान का अधिकार, 40 करोड़ से अधिक कामगारों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को सिर्फ एक साल बाद ही ग्रेच्युटी का लाभ, 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच, ओवरटाइम पर दोगुना वेतन और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप श्रमिकों को सामाजिक न्याय की गारंटी शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि नए कानून श्रमिकों के अधिकारों को और मजबूत बनाएंगे और साथ ही देश की आर्थिक प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाएंगे।





