विदेश

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी को लीबिया फंडिंग मामले में जेल

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी को 2007 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में लीबिया से अवैध फंडिंग लेने के मामले में मंगलवार को जेल भेजा जा रहा है। 69 वर्षीय सरकोजी ने 2007 से 2012 तक फ्रांस की सत्ता संभाली थी। सितंबर के अंत में उन्हें मुंआमर गद्दाफी की सरकार से जुड़े इस फंडिंग मामले में आपराधिक साजिश का दोषी करार दिया गया था।

सरकोजी ने इस फैसले के खिलाफ अपील की है और इसे “गहरी अन्यायपूर्ण” बताया है। उन्होंने कहा, “अगर उन्हें मुझे जेल में सुलाना है, तो मैं सिर ऊंचा रखकर जेल में सोऊंगा।” उनका जेल जाना यूरोप के राजनीतिक इतिहास का एक बड़ा और दुर्लभ पल माना जा रहा है, क्योंकि वे यूरोपीय संघ के किसी देश के पहले पूर्व राष्ट्रपति होंगे, जो वास्तव में जेल की सजा काटेंगे।

जानकारी के अनुसार, सरकोजी को पेरिस की ला सान्ते जेल में रखा जाएगा। उन्हें करीब नौ वर्गमीटर के एक अलग सेल में रखा जाएगा, ताकि उनकी सुरक्षा बनी रहे और दूसरे कैदियों से अनचाहा संपर्क न हो सके। साथ ही जेल के अंदर उनकी कोई गुप्त फोटो लीक न हो, इसका भी खास ध्यान रखा जाएगा।

सरकोजी की गिरफ्तारी इतिहास की याद दिलाती है, जब द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विची सरकार के नेता फिलिप पेटेन को जेल में डाला गया था। यह घटना दर्शाती है कि कानून के सामने सबसे शक्तिशाली व्यक्ति भी जवाबदेह होते हैं।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button