अमेरिका की कार्रवाई के बाद डेल्सी रोड्रिग्ज ने संभाली वेनेजुएला की कमान

CNN की रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय से नेता रहे निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा पकड़े जाने के कुछ ही घंटों बाद, सोमवार को डेल्सी रोड्रिगेज ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली.
शपथ ग्रहण समारोह दोपहर में उनके भाई जॉर्ज रोड्रिगेज ने करवाया, जो वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष हैं. समारोह के बाद, रोड्रिगेज ने कहा कि उन्होंने “भारी मन से” पद संभाला है, और मादुरो की गिरफ्तारी को राष्ट्रपति और फर्स्ट लेडी सीलिया फ्लोरेस दोनों का “अपहरण” बताया.
CNN के अनुसार, रोड्रिगेज ने शपथ ग्रहण के दौरान कहा, “मैं बोलिवेरियन रिपब्लिक ऑफ वेनेजुएला के संवैधानिक राष्ट्रपति निकोलस मादुरो मोरोस की कार्यकारी उपराष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ लेने आई हूं.”
उनकी नियुक्ति को वेनेजुएला के कुछ करीबी अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों ने तुरंत स्वीकार कर लिया. CNN ने बताया कि चीन, रूस और ईरान के राजदूत उन पहले विदेशी राजनयिकों में से थे जिन्होंने औपचारिक रूप से पद संभालने के बाद रोड्रिगेज को बधाई दी. वेनेजुएला में चीन के राजदूत लैन हू ने समारोह के तुरंत बाद उन्हें गले लगाया, जिसके बाद रूसी राजदूत सर्गेई मेलिक-बगदासरोव ने भी ऐसा किया. ईरान के राजदूत अली चेगिनी ने बाद में सम्मान के प्रतीक के रूप में हाथ जोड़कर रोड्रिगेज की ओर झुके. CNN ने कहा कि तीनों राजनयिक शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक साथ खड़े थे.
CNN के मुताबिक, चीन, रूस और ईरान ने वीकेंड पर हुए अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन की निंदा की है, जिसके कारण मादुरो को पकड़ा गया और ट्रायल का सामना करने के लिए उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया.
इस बीच, सोमवार को जब रोड्रिगेज ने अंतरिम नेता के तौर पर शपथ ली, तो हटाए गए राष्ट्रपति के समर्थक कराकस की सड़कों पर उतर आए. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सैकड़ों प्रदर्शनकारी वेनेजुएला के झंडे लहराते और मादुरो के समर्थन में पोस्टर पकड़े हुए देखे गए. पूर्व राष्ट्रपति ने शनिवार को अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद न्यूयॉर्क की एक अदालत में खुद को निर्दोष बताया था.





