नेपाल-चीन सीमा पर बाढ़ का कहर: 18 लोग लापता, कई पुल और सड़कें बहीं, 200 मेगावाट बिजली उत्पादन बंद

नेपाल-चीन सीमा के पास मंगलवार सुबह आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस हादसे में अब तक 18 लोगों के लापता होने की खबर है, जिनमें 12 नेपाली और 6 चीनी नागरिक शामिल हैं। लापता लोगों में 3 पुलिसकर्मी और 9 आम नागरिक भी हैं। ये बाढ़ तिब्बत से आने वाली लेंदेखोला नदी में तेज बारिश के कारण आई, जो नेपाल के रसुवा जिले से होकर गुजरती है। बाढ़ से कई पुल और गाड़ियां बह गईं, साथ ही पासांग ल्हामु हाईवे का बड़ा हिस्सा भी तबाह हो गया है। इसके चलते रसुवागढ़ी और आसपास के इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
रसुवागढ़ी के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है, लेकिन लगातार खराब मौसम के कारण राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं। प्रशासन के मुताबिक बाढ़ ने गोसाइकुंडा ग्रामीण नगरपालिका-2 के तहत स्याफ्रुबेसी-रसुवागढ़ी हाईवे को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है। जगह-जगह भूस्खलन और सड़क कटाव से आवागमन भी बंद हो गया है।
सशस्त्र पुलिस बल (APF) नेपाल के अनुसार, भोटेकोशी नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि टिमुरे इलाके के एक EV चार्जिंग स्टेशन से आठ इलेक्ट्रिक वाहन बह गए। वहीं रसुवा कस्टम यार्ड से नौ कंटेनर भी नदी में बह गए। रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का डैम भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। बाढ़ से नेपाल के कई बड़े पनबिजली प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान हुआ है, जिससे करीब 200 मेगावाट बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। चिलिमे हाइड्रोपावर कंपनी के सीईओ बाबुराज महारजन ने बताया कि रसुवागढ़ी और ट्रिशूली 3A समेत कई प्रोजेक्ट्स पूरी तरह बंद हो गए हैं।
इनमें 111 मेगावाट का रसुवागढ़ी, 60 मेगावाट का ट्रिशूली 3A, 21 मेगावाट का ट्रिशूली और 15 मेगावाट का देवीघाट पावर प्लांट शामिल हैं। महारजन ने बताया कि इन परियोजनाओं का बाहरी इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह नष्ट हो चुका है, जिससे निकट भविष्य में इनका दोबारा शुरू होना मुश्किल है।
हालांकि महारजन ने यह भी कहा कि अभी मॉनसून के कारण देश की अधिकतर बिजली परियोजनाएं पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, इसलिए फिलहाल देशव्यापी बिजली आपूर्ति पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं और आवश्यक हो तभी यात्रा करें। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और राहत टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात कर दी गई हैं।





