खालिस्तान विवाद के बाद पहली बड़ी नियुक्ति, ओटावा जाएंगे दिनेश पटनायक
नई दिल्ली ने वरिष्ठ राजनयिक दिनेश के. पटनायक को कनाडा में भारत का नया हाई कमिश्नर नियुक्त किया है। यह पद करीब नौ महीने से खाली था। गुरुवार को विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस नियुक्ति की जानकारी दी। पटनायक फिलहाल स्पेन में भारत के राजदूत हैं और जल्द ही ओटावा में नई जिम्मेदारी संभालेंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत-कनाडा के बीच पिछले साल से रिश्ते तनावपूर्ण रहे। भारत ने अपने हाई कमिश्नर संजय कुमार वर्मा और कई वरिष्ठ राजनयिकों को कनाडा से वापस बुला लिया था, जिसके बाद यह पद खाली पड़ा था।
दिनेश पटनायक को इस महत्वपूर्ण पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था। 1990 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी पटनायक के पास 30 से ज्यादा वर्षों का अनुभव है। वह प्रवासी भारतीयों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को संभालने में माहिर माने जाते हैं। 2016 से 2018 के बीच वह ब्रिटेन में डिप्टी हाई कमिश्नर रहे, जहां उन्होंने खालिस्तान समर्थक गतिविधियों से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया था। यही मुद्दा भारत-कनाडा संबंधों में भी विवाद का कारण रहा है।
अपने करियर के दौरान पटनायक ने जिनेवा, ढाका, बीजिंग और वियना में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। विदेश मंत्रालय में भी उन्होंने अफ्रीका, पश्चिमी यूरोप, संयुक्त राष्ट्र और पब्लिसिटी डिवीजनों में काम किया है। इसके अलावा, वे कंबोडिया (2012-15) और मोरक्को (2015-16) में राजदूत रह चुके हैं और ऑस्ट्रिया में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन (2009-12) भी रहे।
भारत और कनाडा में नए हाई कमिश्नर की नियुक्ति की प्रक्रिया तब आगे बढ़ी जब जून में जी7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात की।





