दिल्ली कूच से पीछे हेट किसान, सरकार को दिया 24 घंटे का वक्त, पंढेर ने कहा बातचीत के लिए हैं तैयार

दिल्ली कूच से पीछे हेट किसान, सरकार को दिया 24 घंटे का वक्त, पंढेर ने कहा बातचीत के लिए हैं तैयार
हरियाणा-पंजाब के शंभु बॉर्डर पर भारी बवाल के बाद किसानों ने फिलहाल अपना विरोध प्रदर्शन रोक दिया है। प्रदर्शन को रोकने के बाद शंभू बॉर्डर पर मीडिया से बातचीत में किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा, फिलहाल हमने अपना प्रदर्शन रोक दिया है और बातचीत के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि “…अब 101 किसानों का जत्था 8 दिसंबर को दोपहर 12 बजे दिल्ली की ओर कूच करेगा। हम वार्ता के लिए तैयार हैं। कल का दिन केंद्र सरकार से बातचीत के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं… हम कल तक इंतजार करेंगे। हम चाहते हैं कि बातचीत हो। हम सरकार से टकराव नहीं चाहते, हम शांतिपूर्ण रहेंगे।”
#WATCH शंभू बॉर्डर पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा, “…अब 101 किसानों का जत्था 8 दिसंबर को दोपहर 12 बजे दिल्ली की ओर कूच करेगा। हम वार्ता के लिए तैयार हैं। कल का दिन केंद्र सरकार से बातचीत के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं… हम कल तक इंतजार… pic.twitter.com/gRK8tbwM7s
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 6, 2024
इससे पहले हरियाणा-पंजाब के शंभु बॉर्डर पर आज किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर दिल्ली चलो मार्च का ऐलान किया जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। बता दें कि किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के लिए कानूनी गारंटी, कृषि ऋण की माफी और बढ़ती बिजली दरों के खिलाफ सुरक्षा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
#WATCH हरियाणा-पंजाब शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ओर कूच करने का ऐलान किया है। pic.twitter.com/lexC0YqUkZ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 6, 2024
कई किसानों को शंभू सीमा पर रोक दिया गया और उन्हें दिल्ली की ओर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। बाद में एक पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया, “किसानों को हरियाणा में प्रवेश की अनुमति नहीं है। अंबाला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 को लागू कर दिया है।”
शुक्रवार दोपहर को हरियाणा-पंजाब सीमा पर शंभू में ‘दिल्ली चलो’ मार्च के दौरान एकत्र हुए किसानों पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर भी कई किसानों को हिरासत में लिया गया, क्योंकि वे शंभू सीमा से दिल्ली के लिए ‘दिल्ली चलो’ मार्च कर रहे थे। सीमा पर चेकिंग और मध्य दिल्ली में सुरक्षा कर्मियों की भारी तैनाती व मार्च के कारण विभिन्न क्षेत्रों में यातायात बाधित हुआ।
फ़िलहाल दिल्ली में बढ़ते बवाल को देखते हुए किसान नेता सरवन सिंह पंधेरने दिल्ली कूच कर रहे किसानों को वापस बुला लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार हमारे साथ दुश्मनों जैसा व्यापार कर रही है। आंसू के गोले छोड़े जा रहे हैं. हमें पैदल भी नहीं जाने दिया जा रहा है। सरकार चाहे तो हमारी तलाशी ले लें। उन्होंने दावा किया कि 5 से 6 किसान पुलिस झड़प में घायल हुए हैं। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि आज शाम आगे की रणनीति पर बात की जाएगी।
किसानों के चल रहे विरोध प्रदर्शन के कारण अंबाला में इंटरनेट सेवाएं 9 दिसंबर तक अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। इसके अलावा, पैदल और वाहनों सहित सभी प्रकार के जुलूसों पर अगले आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। सुरक्षा उपाय के तौर पर, किसानों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर जिले के सरकारी और निजी दोनों स्कूलों को शुक्रवार को बंद रखने का निर्देश दिया गया है।





