फैक्ट चेक: मुंबई में हुई बुलडोज़र कार्यवाही के वीडियो को उत्तर प्रदेश का बताकर किया जा रहा है वायरल, जानिए पूरा सच

फैक्ट चेक: मुंबई में हुई बुलडोज़र कार्यवाही के वीडियो को उत्तर प्रदेश का बताकर किया जा रहा है वायरल, जानिए पूरा सच
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बुलडोज़र कार्रवाही का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक मौलाना को पहले एक बुलडोज़र के सामने लेटकर बुलडोज़र कार्यवाही रोकने की कोशिश करते हैं, बाद में वह एक महिला से कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि ‘मेरे पास कोर्ट का आर्डर है’ इसी पर वह महिला उन मौलाना से ‘मैं कोर्ट आर्डर वैलिड नहीं है ‘ कहते हुए दिखाई दे रही है।
इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रह है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश का है जहां यूपी सरकार की एक महिला अधिकारी एक मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति की संपत्ति पर जबरदस्ती बुलडोज़र चलवाने का प्रयास कर रही है।
फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि उत्तर प्रदेश में अधिकारी फैंसी ड्रेस पहन कर कोर्ट का ऑर्डर नहीं मानते हैं। वीडियो में आदमी कह रहा है कि मेरे पास कोर्ट का ऑर्डर है लेकिन यह अधिकारी कह रही हैं कि कोर्ट का ऑर्डर मैं नहीं मानती बुलडोजर का राज चल रहा है यूपी में नियम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।
फैक्ट चेक:
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल से हमें पता चला कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं बल्कि महाराष्ट्र के मुंबई का है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। इस दौरान हमने वीडियो कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें वायरल वीडियो ट्विटर पर मिला। जिसे अनिल पटेल नामक यूजर द्वारा हाल ही मार्च 28, 2023 को अपलोड किया गया था।
उत्तर प्रदेश में सभी पदाधिकारी @BJP4India के सदस्य है
मतलब देश की प्रॉपर्टी, आम आदमी की प्रॉपर्टी बीजेपी समझती है यह मेरे @myogiadityanath बाप की प्रॉपर्टी हैयही है देश की हालत कहां दिख रहा है लोकतांत्रिक?
उत्तर प्रदेश में बीजेपी के अधिकारी फैंसी ड्रेस पहन कर कोर्ट का… pic.twitter.com/0AbvPIhTEb
— Anil Patel (@AnilPatelINC) March 28, 2023
हालांकि यहाँ भी वीडियो के कैप्शन में इसे उत्तर प्रदेश का ही बताया गया था। लेकिन प्राप्त ट्वीट के कमेंट सेक्शन में एक AVI नामक यूज़र द्वारा इसे महाराष्ट्र का बताया गया और साथ ही यूज़र द्वारा यूपी पुलिस को टैग करते हुए भ्रामक फ़ैलाने के आरोप में शख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

उपरोक्त प्राप्त ट्वीट मिली जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर एक बार और खोजना शुरू किया। जिसके बाद खोज के दौरान हमें Yasir_Bhoraniya नामक यूजर प्रोफाइल द्वारा पोस्ट किया गया एक दूसरा वीडियो मिला। जहां वायरल वीडियो से मेल खाता एक और वीडियो मिला। जहां वायरल वीडियो वाला दृश्य एक दूसरे एंगल से देखा जा सकता है।
https://twitter.com/YASIR_BHORANIYA/status/1640796978333495296?s=20
लेकिन इस दौरान वीडियो की कोई जानकारी नहीं दी गयी। इसके बाद पुष्टि के लिए हमने प्राप्त वीडियो को गौर से देखा जा इस दौरान हमें गौर किया कि वायरल वीडियो में Bhagwan Collections नाम की एक बोर्ड दिखा।

इसके बाद हमने गूगल पर Bhagwan Collection नाम की दुकान को गूगल पर किया। इसके बाद हमें गूगल पर वायरल वीडियो से ली गयी Bhagwan Collection के बोर्ड की तस्वीर से मेल खाती एक दूसरी तस्वीर मिली। तस्वीर के साथ उस दुकान की लोकेशन भी दी गयी है। प्राप्त लोकेशन के मुताबिक Bhagwan collection मुंबई के वेस्ट सेंटाक्रूज में है।

इसके बाद हमने वायरल वीडियो के कुछ कीफ्रेम्स की और गूगल पर दुकान के मिले 360 डिग्री व्यू की बारीकी से तुलना की जिसके बाद हमें कई समानताएं मिली। जिससे यह साफ हो गया कि वायरल वीडियो मुंबई का है।
वायरल वीडियो से लिए गए कीफ्रेम
इस दौरान पहले फ्रेम में मेट्रो लाइन की एक झलक देखी जा सकती है, वहीं दूसरे फ्रेम में मेट्रो के एक खंबे को देखा जा सकता है और आखिरी वाले फ्रेम Bhagwan collection के बोर्ड के पीछे दिख रही इमारत।

गूगल पर मिले Bhagwan collection के 360 डिग्री व्यू
यहाँ इस तस्वीर के पहले फ्रेम में मेट्रो की वहीं लाइन को देखा जा सकता जो वायरल वीडियो में देखी गयी थी, इसके बाद Bhagwan collection की दुकान के सामने दिख रहे खंबे को भी साफ देखा जा सकता, इसके बाद आखिरी फ्रेम में दुकाने के पीछे उसी इमारत को देखा जा सकता है जो वायरल वीडियो में दिखाई दे रही हैं।

उपरोक्त तुलना के दौरान मिली समानताओं से यह साफ़ हो गया कि वायरल वीडियो मुंबई का ही है।
पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमें पता चला कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं बल्कि महाराष्ट्र के मुंबई शहर का है। जिसे सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।





