फैक्ट चेक: खाटू श्याम में श्रद्धालुओं से मारपीट करने वाले आरोपियों की परेड का नहीं है यह वीडियो, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: खाटू श्याम में श्रद्धालुओं से मारपीट करने वाले आरोपियों की परेड का नहीं है यह वीडियो, जानें पूरा सच
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी कुछ युवकों को मुँह पर काला कपड़ा पहना कर सड़क पर परेड करवाते हुए नजर आ रहे हैं, इस दौरान एक व्यक्ति को लंगड़ाकर चलते हुए भी देखा जा सकता है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पुलिस जिनको परेड करवा रही है यह वही आरोपी हैं जिन्होंने राजस्थान में खाटू श्याम में श्रद्धालुओं से मारपीट की थी।
फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “खाटूश्याम जी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट करने वाले चारों दुकानदार। प्रसाद वितरण करने के बाद पुलिस ने निकाला जुलूस, नोट:- कुछ लोग वीडियो अलवर की बता रहे हैं कुछ हनुमानगढ़ की”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।
फैक्ट चेक:
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो किसी अन्य घटना का है।
दरअसल, राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में मध्य प्रदेश से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आये थे। तभी भारी बारिश होने लगी और जब वो शरण की आस में एक दुकान में घुसे, तो बहस शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि मंदिर के आसपास लाठियां चलने लगीं। श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी घायल हो गए। इसी मामले से जोड़कर सोशल मीडिया पर उक्त वीडियो को शेयर किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो Public नामक वेबसाइट पर वायरल वीडियो मिला जिसे जुलाई 11, 2025 को अपलोड किया गया था।
उपरोक्त मिले वायरल वीडियो के कैप्शन में जानकारी दी गयी है कि अलवर में कुछ लोगों ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला और मारपीट की थी जिसके बाद अलवर पुलिस ने आरोपियों का जुलूस निकाला।
प्राप्त जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो की जानकारी दैनिक जागरण की वेबसाइट पर जुलाई 11, 2025 को प्रकाशित एक लेख में मिली।

प्राप्त लेख के मुताबिक यहाँ बताया गया है कि अलवर शहर में 6 जुलाई को मोहर्रम के दिन भीड़ में से निकल रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मी प्रदीप कुमार पर हमला करने के मामले में पुलिस ने 4 जनों को गिरफ्तार किया है। फिर जेल चौराहे के आसपास चारों आरोपियों का बापर्दा जुलूस निकाला गया।
पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो खाटूश्याम की घटना से संबंधित नहीं है, बल्कि उक्त वीडियो अलवर में पुलिसकर्मी के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों का है, जिसे सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।





