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फैक्ट चेक: कड़ाके की ठंड में बिना कपड़ों के साधना कर रहे संतों का वीडियो हालिया दिनों का नहीं, पुराना वीडियो हो रहा है वायरल, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: कड़ाके की ठंड में बिना कपड़ों के साधना कर रहे संतों का वीडियो हालिया दिनों का नहीं, पुराना वीडियो हुआ वायरल, जानें पूरा सच

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दो संतों को एक बर्फीली जगह व तेज हवाओं के बीच बिना कपड़ों के साधना करते हुए देखा जा सकता है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर हालिया दिनों में शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इन दिनों जहां उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड से लोग ठिठुर रहे हैं और शरीर को कपड़ों की चादरों से ढक रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ यह संत केदार नाथ धाम में मध्य रात्रि को शून्य से भी कम तापमान में तेज हवाओं के बीच बिना कपड़ों के भक्ति में लीन होकर ईश्वर की साधना कर रहे हैं।

फसबूक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन के साथ लिखा गया है कि,” शून्य से कम तापमान पर, रात्रि 3:00 बजे केदारनाथ धाम में हो रही बर्फबारी के बीच परमपिता शिव की आराधना में लीन साधु जन जी के दुर्लभ दर्शन। इसी का नाम है भक्ति। जहाँ भक्ति, वहाँ शक्ति और जहाँ शक्ति, वहाँ शिव भोले भंडारी।” हर हर महादेव

फेसबुक का लिंक यहाँ देखें

गौरतलब है कि यह वीडियो उस वक्त वायरल हो रहा है, जब इस कड़ाके की ठंड में कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाफ टी-शर्ट पहनकर देश में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कर रहे हैं जो इन दिनों चर्चा का मुद्दा बना हुआ है।

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2021 के दौरान का है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने पर हमें इसके पुराने होने की आशंका हुई। जिसके बाद हमने पड़ताल की। पड़ताल के दौरान हमने वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो यूट्यूब पर AOL Manikandanji नामक यूट्यूब चैनल पर मिला। जिसे दो साल पहले यूट्यूब पर अपलोड किया गया था।

 

 

प्राप्त वीडियो के साथ जानकारी दी गयी है कि केदारनाथ धाम में सुबह 3 बजे जब तापमान माइनस दस डिग्री था उस वक्त यह योगी ध्यान लगा रहे हैं। इसके पुष्टि के लिए हमने और बारीकी से खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें वायरल वीडियो Yahoo Movies नामक वेबसाइट पर मिला। जिसे जनवरी 12, 2021 को अपलोड किया गया था।

पड़ताल के दौरान हमें मिले तथ्यों से पता चला कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2021 के दौरान का है। इसका वर्तमान के दिनों से कोई संबंध नहीं है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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