फैक्ट चेक: पप्पू यादव के रोने के वीडियो का नहीं है बाबा सिद्दीक़ी की हत्या से कोई सबंध, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: पप्पू यादव के रोने के वीडियो का नहीं है बाबा सिद्दीक़ी की हत्या से कोई सबंध, जानें पूरा सच
सोशल मीडिया पर बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें उन्हें रोते हुए खुद के साथ हुई मारपीट की बात मीडिया को बताते हुए सुना जा सकता है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क खत्म करने की बात करने के बाद सांसद पप्पू यादव की पिटाई होगयी।
दरअसल, महाराष्ट्र में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीक़ी की हत्या के बाद बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को खुली चुनौती दी थी। पप्पू यादव ने कहा है अगर कानून अनुमति दे तो 24 घंटे में लॉरेंस बिश्नोई जैसे दो टके के अपराधी के पूरे नेटवर्क को खत्म कर दूंगा
फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “पप्पू यादव आज शाम में लॉरेंस बिश्नोई को ठिकाने लगा रहे थे, पता ना किसी ने रास्ते में इन्हें कूट दिया जोर-जोर से रो रहे हैं। क्या गुंड बनेगा रे तू ”
फेसबुक के वायरल पोस्ट का आर्काइव लिंक यहाँ देखें।
फैक्ट चेक :
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। पड़ताल के दौरान हमने सबसे पहले वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो हमें Live Cities नामक यूट्यूब चैनल पर मिला। जिसे सितंबर 06, 2018 को अपलोड किया गया था। यहाँ जानकारी दी गयी है कि वायरल वीडियो बिहार के मुजफ्फरपुर का है। जहां पप्पू यादव पर खबड़ा गांव में हमला हुआ था। इसी हमले की जानकारी देते हुए यादव मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
पुष्टि के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो News18 के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला, जिसे सितंबर 06, 2018 को अपलोड किया गया था।
वीडियो में जानकारी दी गयी थी कि साल 2018 के दौरान एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में भारत बंद का बिहार में भी अभियान चालू था। इसी बंद के दौरान तत्कालीन मधेपुरा से सांसद और जन अधिकार पार्टी के संरक्षक पप्पू यादव के काफिले पर पथराव किया गया है। यह घटना तब हुई, जब उनका काफिला खबरा के पास से गुजर रहा था। इसी घटना की जानकारी पप्पू यादव ने रोते हुए मीडिया को दी थी।
पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमें पता चला कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2018 के दौरान का है, जिसे हालिया दिनों में गलत संदर्भ में शेयर किया जा रहा है।





