NM वेरिफाइडताज़ा खबरें

फैक्ट चेक: पति ने एक साल पहले पत्नी का काटा था हाथ, फर्जी लव जिहाद एंगल से वायरल हो रही है तस्वीर 

फैक्ट चेक: पति ने एक साल पहले पत्नी का काटा था हाथ, फर्जी लव जिहाद एंगल से वायरल हो रही है तस्वीर 

 

सोशल मीडिया पर एक महिला की तस्वीर वायरल है दावा किया जा रहा है कि महिला का नाम रेणुका है जिसका हाथ उसके मुस्लिम पति ने इसलिए काट दिया क्योंकि उसे शक था कि नौकरी करने पर उसकी पत्नी बेवफा हो जायेगी। इस तस्वीर को लव जिहाद एंगल के साथ खूब शेयर किया जा रहा है।

फेसबुक पर वायरल तस्वीर शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि,’ अतीक को छोड़िए साहब सच्चे प्यार को देखिए। रेणुका के पति मोहम्मद_सरीफुल शेख ने उसका दाहिना हाथ इसलिए काट दिया था, ताकि उसे एक सरकारी अस्पताल में नर्स की नौकरी करने से रोका जा सके, क्योंकि उसे डर था कि अगर वह काम करना शुरू करती है तो वह बेवफा हो सकती है। आज रेणुका को कृत्रिम अंग मिला है।

उसके पति मोहम्मद शेख ने उसके हाथ के कटे हुए हिस्से को बैग में छिपा दिया था ताकि ऑपरेशन के जरिए कलाई को हाथ से ठीक करने की संभावना से इंकार किया जा सके।रेणुका के शौहर शेर मोहम्मद जी बंगाल के बर्दवान के रहने वाले है
बुद्धि जीवी लोग गूगल कर सकते है। खेर कत्रिम हाथ लगने के बाद रेणुका वापिस अब्दुल (अब्दुल से मतलब अपना शेर मोहम्मद ) के पास जाएगी या नही अभी इसकी पुष्टि नही हुई है…। वैसे मेरा बाबू वैसा नहीं है। जो भी लोग ट्विटर पर है वो वहाँ पर पुष्पेन्द्र जी से जुड़ सकते है क्योंकि ट्विटर पर भी सनातनी योद्धाओं की ज़रूरत है
लिंक पर क्लिक करके जुड़ सकते है।

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें

 

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल तस्वीर में दिख रही महिला हिन्दू नहीं बल्कि मुस्लिम समुदाय से ही है।

सोशल मीडिया पर कटे हाथ के साथ लव जिहाद एंगल से वायरल हुई इस तस्वीर का सच जानने के लिए हमने गूगल रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा जून 07 2022 को प्रकाशित एक खबर प्राप्त हुई।

इस खबर में वायरल तस्वीर वाली महिला की तस्वीर मौजूद है। खबर में बताया गया है कि शक के चलते पश्चिम बंगाल के केतुग्राम में रेनू खातून नामक महिला का हाथ उसके पति शरीफुल ने काट दिया। महिला को एक सरकारी अस्पताल में नर्स बताया गया है।

खबर के मुताबिक रेनू खातून के पिता ‘अज़ीज़ुल हक’ ने ही पुलिस में उनकी बेटी के पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके साथ ही लेख में खातून के भाई रिपन शेख ने स्थानीय मीडिया को बताया कि जब से उसकी बहन को राज्य सरकार का नियुक्ति पत्र मिला है, तब से शेर मोहम्मद अपनी पत्नी पर दबाव बना रहा था कि वह नौकरी न करे। इसके साथ ही लेख में बताया गया कि इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। लेख में रेनू खातून के पिता और भाई के नाम से यह पता चलता है कि महिला हिन्दू न होकर मुस्लिम है।

इसके बाद सटीक जानकारी के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें The Indian Express की वेबसाइट पर एक लेख मिला, जिसे  जून 06, 2022 को प्रकाशित किया गया था।

इस रिपोर्ट उपरोक्त प्राप्त लेख की जानकारी की पुष्टि करते हुए बताया गया है कि शरीफुल नामक एक व्यक्ति ने शक करते हुए अपनी पत्नी रेनू खातून का हाथ काट दिया था। खबर के मुताबिक रेनू के पति और उनके ससुराल वालों को डर था कि नौकरी मिलने के बाद रेणु उसे छोड़ देगी। बस इसी के चलते उनके पति ने अपनी पत्नी रेनू का हाथ काट दिया रेनू

लेख में आगे रेनू के पिता अजीजुल हक के हवाले बताया गया कि उनकी बेटी शादी से पहले एक निजी स्वास्थ्य सेवा इकाई में काम करती थी। हाल ही में उनका चयन एक सरकारी अस्पताल में नर्स के पद पर हुआ था। “उसके पति और ससुराल वाले उसके काम करने के फैसले के खिलाफ थे। रेणु ने मुझसे शिकायत की कि उसके ससुराल वाले और मोहम्मद चाहते थे कि वह सेवा में शामिल न हो। इसके साथ ही लेख में महिला के भाई रिपुन शेख ने बात करते हुए बताया था कि हाथ रेनू के पति ने सिर्फ इसलिए उसका काट दिया गया, जिससे वह अपंग हो जाए और नौकरी करने लायक ना रहे।

पड़ताल के दौरान उपरोक्त मिले लेखों से यह स्पष्ट हो गया कि यह खबर हालिया दिनों की नहीं बल्कि साल 2022 की है। इसके साथ ही पीड़ित महिला का नाम रेणुका नहीं बल्कि रेनू खातून है जो एक मुस्लिम से आती हैं। सोशल मीडिया पर इस लव जिहाद के साथ जो दावा वायरल  वह भ्रामक है। दोनों पक्ष एक ही समुदाय से आते हैं। यह सच है कि इस तरह की घटना करीं 1 साल पहले हुई थी। लेकिन इस घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।

Show More

Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button