फैक्ट चेक: बड़ी संख्या की भीड़ के बीच चलते हुए गाड़ियों के काफिले का यह वीडियो भारत का नहीं, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: बड़ी संख्या की भीड़ के बीच चलते हुए गाड़ियों के काफिले का यह वीडियो भारत का नहीं, जानें पूरा सच
सोशल मीडिया पर सैकड़ों लोगों की भीड़ के बीच चलते हुए गाड़ियों के काफिले का एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग बड़ी संख्या में एक सड़क पर जमा हुए हैं। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई का है। जहां समुदाय विशेष के लोग सैकड़ों की तादाद में अपनी ताकत दिखाने के लिए सड़क पर उतरे हैं।
फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “ये पाकिस्तान या बांग्लादेश नहीं है ये इराक ईरान या अफगानिस्तान भी नहीं है। अपना मुंबई है। जहाँ मुसलमान अपनी ताकत दिखाने को सड़कों पे निकला है”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।
फैक्ट चेक:
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो भारत का नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के साथ शेयर किए गए दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। इसके हमने सबसे पहले वायरल वीडियो कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल लेंस के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो Nigerian Catholics नामक फेसबुक यूजर की प्रोफइल पर मिला। जिसे सितंबर 12, 2024 को अपलोड किया गया था।

उपरोक्त प्राप्त फेसबुक पेज के मुताबिक वायरल वीडियो तिमोर लेस्ते देश का जहाँ की पूरी आबादी कैथोलिक है। पोस्ट बताया गया है कि वायरल वीडियो पोप फ्रांसिस की यात्रा के दौरान का है।
उपरोक्त प्राप्त जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर एक बार फिर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोजे के दौरान हमें The Telegraph के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो से मेल खाता एक दूसरा वीडियो मिला जहां पोप फ्रांसिस को रोड शो करते हुए देखा जा सकता है। बता दें यूट्यूब पर यह वीडियो सितंबर 10, 2024 को अपलोड किया गया था। इसके साथ ही कैप्शन में जानकारी दी गयी थी कि वायरल वीडियो पूर्व तिमोर का है।
पड़ताल के दौरान उपरोक्त मिली जानकारी से हमने जाना कि वायरल वीडियो भारत का नहीं बल्कि तिमोर लेस्ते का है। जिसे भ्रामक दावे के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।





