मिडिल ईस्ट तनाव के बीच दुबई में धमाका, DIFC इलाके में इमारत को नुकसान

दुबई: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दुबई के प्रमुख वित्तीय इलाके में देर रात जोरदार धमाके की आवाज़ से लोगों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के मुताबिक, एक हवाई हमले को सफलतापूर्वक रोक दिया गया था, लेकिन उसका मलबा एक इमारत से टकरा गया।
दुबई मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि हमले को रोकने के दौरान गिरा मलबा केंद्रीय दुबई की एक इमारत के बाहरी हिस्से से टकराया। हालांकि स्थिति पर तुरंत काबू पा लिया गया और किसी के घायल होने या आग लगने की खबर नहीं है।
यह इमारत दुबई के प्रमुख कारोबारी इलाके दुबई अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र (DIFC) में स्थित है, जो मध्य-पूर्व के सबसे बड़े वित्तीय केंद्रों में से एक माना जाता है।
Authorities confirmed that the incident caused by debris from a successful interception, which struck the façade of a building in central Dubai, has been fully contained. No fire occurred and no injuries were reported.
— Dubai Media Office (@DXBMediaOffice) March 14, 2026
जोरदार धमाकों से दहले आसपास के इलाके
स्थानीय लोगों ने बताया कि शुक्रवार देर रात तेज धमाकों की आवाज़ सुनाई दी। कुछ ही देर बाद इमारत के पास मलबा गिरा और इलाके में हलचल मच गई।
घटना के पास रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि वह तुरंत बिस्तर से उठ गया। उनके मुताबिक, आवाज इतनी जोरदार थी कि जमीन तक हिलती महसूस हुई और कुछ पल के लिए लगा कि कोई बड़ा हादसा हो गया है।
एक पत्रकार ने भी बताया कि इलाके में दो जोरदार धमाके हुए, जिसके बाद आसमान में काले धुएं का गुबार दिखाई दिया।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर
यह घटना ऐसे समय हुई है जब मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला
इसी बीच बगदाद में स्थित यूनाइटेड स्टेट्स एम्बेसी को भी निशाना बनाया गया। इराकी सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार शनिवार तड़के एक ड्रोन अमेरिकी दूतावास परिसर से टकराया।
हमले के बाद परिसर से धुआं उठता देखा गया। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला ऐसे समय हुआ जब इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों और अमेरिकी हितों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।
मिलिशिया ठिकानों पर भी हमले
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले ईरान समर्थित मिलिशिया कताइब हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर भी हमले हुए थे। इनमें संगठन के दो सदस्य मारे गए, जिनमें एक वरिष्ठ सदस्य भी शामिल बताया जा रहा है।
बढ़ता जा रहा है संघर्ष का दायरा
इन घटनाओं से साफ संकेत मिल रहे हैं कि क्षेत्र में चल रहा संघर्ष अब कई देशों और शहरों तक फैलता जा रहा है। सैन्य हमलों और प्रॉक्सी हमलों के कारण मध्य-पूर्व के अहम शहरों और कूटनीतिक ठिकानों पर खतरा बढ़ता जा रहा है।





